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एक साथ जली तीन चिताएं अत्यंत गमगीन हुआ माहौल

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शामली बनत में विलाप करते मृतक संजीव के बच्चो को दुलारते दादा - फोटो : SHAMLI
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शामली। दो भाइयों समेत तीन की हादसे में मौत होने से कस्बा बनत में शोक छाया रहा। गांधीनगर मोहल्ले के आसपास की दुकानें शोक में बंद रहीं। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। तीनों की अर्थी एक साथ उठी और शमशान में अलग-अलग चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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कस्बा बनत के मोहल्ला गांधीनगर निवासी दो भाई शुभम, संजीव और मोहल्ले के प्रवेश की सड़क हादसे में मौत होने से मोहल्ले में दिनभर गम का माहौल बना रहा। मोहल्ले के आसपास की दुकानें बंद रहीं। शाम को करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। महिलाएं शवों से लिपटकर करुण विलाप करने लगीं।
परिजनों और महिलाओं का करुण विलाप देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद तीनों की अर्थी एक साथ उठी तो लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। कस्बे के निकट श्मशान घाट में तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सदर विधायक तेजेंद्र निर्वाल, पूर्व राज्यमंत्री किरणपाल कश्यप, सभासद इकराम उर्फ मुन्नू समेत कस्बे के लोग मौजूूद रहे। लोगों ने परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देकर ढांढस बंधाया।
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मेहनत मजदूरी कर परिवार का चलता है गुजारा
बनत निवासी मृतकों के दोनों परिवार गरीब हैं और मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। सोमपाल के चार पुत्र थे, जिनमें संजीव सबसे बड़ा और शुभम सबसे छोटा था। अब दो भाई और एक बहन रह गए हैं। प्रवेश दो भाइयों में बड़ा था। प्रवेश की मौत होने पर अब एक छोटा भाई और चार बहन हैं। भाइयों की मौत पर बहनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

शामली : बनत में विलाप करते मृतक संजीव और शुभम के परिजन।- फोटो : SHAMLI

शामली बनत में विलाप करते मृतक संजीव व शुभम के परिजन- फोटो : SHAMLI

शामली : बनत में विलाप करते मृतक संजीव और शुभम के परिजन।- फोटो : SHAMLI

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