शामली। कृषि कानून के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। ट्रैक्टर-ट्रालियों से जिला मुख्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। कलक्ट्रेट का गेट बंद कर दिए जाने पर जमकर हंगामा किया। गेट खुलवाकर कलक्ट्रेट में दाखिल हुए करीब तीन घंटे तक कलक्ट्रेट परिसर में डेरा डाले रहे।
बृहस्पतिवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से रालोद कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रालियों से जिला मुख्यालय पर पहुंचे। जुलूस निकालते हुए पहले रालोद कार्यालय पर गए और वहां से एकत्र होकर कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। जुलूस को लेकर कलक्ट्रेट का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। इसे लेकर काफी हंगामा रहा। कार्यकर्ताओं के उग्र होने पर गेट खोल दिया गया। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचे और धरने पर बैठ गए। रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह चेयरमैन ने चेतावनी दी कि यदि लागू किए गए कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता तो सरकार के खिलाफ लगातार आंदोलन चलाया जाएगा।
इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि नए कृषि कानून से मंडी समितियों का पतन हो जाएगा, भंडारण की सीमा समाप्त कर किसानों और मजदूरों पर कुठाराघात किया जा रहा है। साथ ही कांट्रेक्ट फार्मिंग किसानों और मजदूरों के हित में नहीं है। मौके पर राजकुमार सांगवान, अनवार चौधरी, देशराज भनेड़ा, डा. विक्रांत जावला, ऋषिराज राझड़, रजनीश कोरी, संजीव देशवाल, राजीव बालियान, रणधावा मलिक, अब्दुल मुबारक अली, संजीव प्रधान आदि शामिल रहे। संचालन अशरफ अली खान और आशुतोष पंवार ने किया।
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ये रही प्रमुख मांगें...
- कृषि कानूनों को रद्द किया जाए।
- बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित दिया जाए।
- आगामी सीजन के लिए गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
- प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को कड़े कदम उठाए जाएं।
- नलकूप कनेक्शनों का विद्युत लोड बढ़ाने पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- स्कूल-कॉलेजों की फीस माफ हो तथा शिक्षकों को आर्थिक सहयोग दिया जाए।
- जिले की जर्जर पड़ी सड़कों का शीघ्र निर्माण कराया जाए।
शामली कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे रालोद कार्यकर्ता- फोटो : SHAMLI
ामली कलेक्ट्रेट में तैनात पुलिसकर्मी व सीओ एसडीएम- फोटो : SHAMLI
शामली कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते रालोद कार्यकर्ता- फोटो : SHAMLI