कैराना (शामली)। भारत में बिना वीजा पासपोर्ट के रहने वाले म्यांमार के तीन विदेशी नागरिकों के जुर्म का इकबाल करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने मुजरिमों को 6-6 माह कारावास और 2-2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में विदेशी नागरिकों को शरण देने वाले एक भारतीय आरोपी की मौत हो गई थी।
सहायक अभियोजन अधिकारी तब्बसुम ने बताया कि 28 जुलाई 2019 को थाना भवन पुलिस ने जलालाबाद की खुशनुमा कॉलोनी से बिना वीजा पासपोर्ट के भारत में रह रहे म्यांमार के दो नागरिकों को पकड़ा था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जलालाबाद मदरसे से दो अन्य म्यांमार के नागरिकों और उन्हें शरण देने और पुलिस-प्रशासन को सूचना नहीं देने पर मौलाना वासिफ अमीनी और कारी अशरफ व एक अन्य को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान एक भारतीय आरोपी की मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने आरोपी म्यांमार निवासी अब्दुल मजीद पर विदेशी अधिनियम के अतिरिक्त आईपीसी की धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे, जबकि तीन विदेशी मुजरिम म्यांमार निवासी नौमान अली उर्फ साइकोको, मोहम्मद रिजवान उर्फ साइनकोको और फुरकान हुसैन उर्फ विनकोको ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए अदालत से क्षमा याचना मांगी थी और अपनी पत्रावली अलग करने की गुहार लगाई थी।
मामले में अभियोजन पक्ष की और से छह गवाह पेश किए गए। बुधवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने मुजरिम नौमान अली, मोहम्मद रिजवान व फुरकान हुसैन को 6-6 माह का कारावास, 2-2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।