शामली। सर्दी के मौसम के साथ कोहरा छाने लगा है, लेकिन जिले की सड़कों और हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी है।
अनगिनत अवैध कट होने के साथ कहीं संकेतक तक नहीं है। सफेद पट्टी या जेब्रा क्रासिंग भी नहीं है। कोहरा बढ़ने के बाद यहां हादसों की आशंका बढ़ जाती है, इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर में दिल्ली रोड पर सिटी ग्रीन के पास सड़क क्षतिग्रस्त है। रोडवेज बस अड्डे के सामने सड़क पर नाले की स्लैब टूटी हुई है। शहर के बीच डिवाइडर में जगह-जगह अवैध कट बने हुए हैं, जिनसे दुपहिया व तिपहिया वाहन बिना रोकटोक के निकलते हैं।
मेरठ-करनाल हाईवे पर सिंभालका से लेकर टपराना तक न तो सफेद पट्टी बनाई गई है और न ही डिवाइडर पर पेंट किया गया है। मार्ग पर कहीं संकेतक नहीं लगे हैं। करनाल रोड स्थित विकास नगर निवासी प्रधानाचार्य विनीत चौहान ने बताया कि कोहरे में सफेद पट्टी व डिवाइडरों पर रंग होना जरूरी है। इनके न होने से हादसा होने का खतरा रहता है। उपरिगामी पुल के अंडरपास पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम : कैराना नेशनल हाईवे 709 एडी पर हैदरपुर, पानीपत बाईपास, खुरगान चौराहा, झिंझाना रोड और शामली बाईपास पर उपरिगामी पुल बनाए गए हैं। लेकिन उपरिगामी पुल के अंडरपास में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। अंडरपास पर लाल और हरी लाइट तक नहीं है। झिंझाना के निकट उपरिगामी पुल के निकट संकेतक निशान न होने से वाहन चालक परेशान है। मेरठ-करनाल हाईवे पर छह उपरिगामी पुल बने हैं, लेकिन अंडरपास पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। हाईवे पर यूटर्न के बोर्ड तो लगे हैं, लेकिन कहीं भी जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है।
एसडीएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक लोकेश तोमर का कहना है कि हाईवे से होकर बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल आते हैं, जिन्हें पीली पट्टी और जेब्रा क्रॉसिंग न होने से असुविधा का सामना करना पड़ता है। काठा नदी पुल के पास चंदनपुरी लिंक रोड, ईदगाह के निकट कट पर भी संकेतक नहीं है।
पुल के करनाल रोड की ओर सर्विस रोड का संकेतक नहीं लगाया गया है। यहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।