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अशोक वाटिका में मचाया उत्पात, फूंकी सोने की लंका

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गढ़ीपुख्ता में रामलीला का मंचन करते कलाकार। - फोटो : SHAMLI
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अशोक वाटिका में मचाया उत्पात, फूंकी सोने की लंका
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कांधला/कैराना/गढ़ीपुख्ता। कैराना रोड स्थित रामलीला मैदान में बुधवार को माता जानकी की खोज और लंका दहन का मंचन किया गया। रामलीला की मुख्य आरती सदर विधायक तेजेंद्र निर्वाल के द्वारा की गई। रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी रजि के साथ उनका आभार प्रकट किया गया।
मंचन के दौरान रामलीला कमेटी के रामलीला कमेटी के प्रबंधक रामकुमार सिंघल, उपाध्यक्ष मेहरचंद सिंघल, सचिन शर्मा, अशोक महेश्वरी, राजेंद्र आचार्य, नीरज गोयल, लोकेश गोयल, मनीष गोयल, धनप्रकाश गोयल, श्याम कुमार सिंघल, नीरज गुप्ता, प्रमोद शर्मा, अमित गर्ग, अमन मित्तल, शिवम गोयल, निखिल महेश्वरी आदि लोग शामिल रहे।
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नगर के श्री पंजाबी धर्मशाला में श्री रामलीला कमेटी के द्वारा भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने के पश्चात रामलीला का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि विद्युत स्टेशन के अवर अभियंता संदीप कुमार अनिल पटेल उपस्थित रहे। रात्रि लीला मंचन में रावण अंगद संवाद की सुंदर लीला का स्थानीय व बाहर से आए कलाकारों द्वारा मंचन प्रस्तुत किया गया। लीला में रावण को युद्ध पूर्व अंतिम मौका देते हुए हनुमान की मंत्रणा पर श्री रामचंद्र अंगद को शांति दूत बनाकर लंका के लिए भेज देते हैं। अंगद श्रीराम का दूत बनकर लंकापति रावण के दरबार में पहुंचता है।
उधर, कैराना के गोशाला भवन में चल रही श्री रामलीला महोत्सव के 15वें दिन लक्ष्मण मूर्छा और संजीवनी बूटी प्रसंग का मंचन किया गया। जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। राम के अभिनय सतीश प्रजापति, लक्ष्मण का अभिनय राकेश प्रजापति, भरत का अभिनय आयुष गर्ग, हनुमान का अभिनय आशु गर्ग, विभीषण का ऋषभ कुछल, रावण का अभिनय शगुन मित्तल, मेघनाथ का अभिनय आशीष नामदेव व अंगद का अभिनय विकास वर्मा ने किया।
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उधर, गढ़ीपुख्ता में राम-रावण युद्ध संवाद लीला का मंचन किया गया। युद्ध में रावण के अनेक सैनिक मारे जाते हैं। मेघनाद के साथ दो दिन में लक्ष्मण को शक्ति लग जाती है, मूर्छित लक्ष्मण को देखकर रामचंद्र बहुत ही परेशान एवं दुखी होते हैं। भूषण सुषेण वैद्य को लाने के लिए कहते हैं। हनुमान से कहते हैं कि यदि रात्रि में संजीवनी बूटी लाए गई, तो लक्ष्मण के प्राण बच सकते हैं। हनुमान तुरंत उठ जाते हैं और संजीवनी बूटी लेकर लौटते हैं। राम और कुंभकर्ण में भीषण युद्ध होता है जिन्हें कुंभकर्ण मारा जाता है।

कांधला में रामलीला का मंचन करते कलाकार- फोटो : SHAMLI

कैराना में रामलीला का मंचन करते कलाकार- फोटो : SHAMLI

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