शामली। नगरपालिका परिषद शामली की तरफ से आवारा कुत्तों को पकड़कर रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में शेल्टर होम नहीं है। शहर में सड़कों व गलियों लेकर सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं, जो आए दिन लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जारी आदेश में कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस, रेलवे स्टेशनों और हाईवे से आवारा कुत्तों को हटाया जाए और उन्हें शेल्टर होम में जगह दी जाए। शामली शहर में नगरपालिका की तरफ से अभी शेल्टर होम नहीं है। शेल्टर होम न होने से आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं।
इस संबंध में नगर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में रेलपार में शेल्टर होम तैयार चालू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पालिका ने पांच दिन पहले टेंडर किया गया है। तीन दिन पहले आवारा कुत्तों का टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस बार 1500 कुत्तों का टीकाकरण और 500 का बधियाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले साल कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण किया गया था। एक साल बाद फिर से टीकाकरण शुरू किया गया है।
नागरिकों ने की सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सराहना
शहर के आर्यपुरी निवासी नितिन संगल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सही है। इससे लोगों को आवारा कुत्तों से राहत मिलेगी।
माजरा रोड निवासी संजय गर्ग ने कहा कि आवारा कुत्ते गलियों व सड़कों पर लोगों पर हमला करते हैं। इन्हें शेल्टर होम में रखे जाने की व्यवस्था होती है तो यह बहुत ही सराहनीय कार्य होगा।
शांति नगर निवासी सागर ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्ते झुंड में घूमते रहते हैं। इन्हें शेल्टर होम में रखा जाना चाहिए।