हनुमानधाम पर सत्संग सुनते श्रद्धालु। स्रोत आयोजक
शामली। शहर के मंदिर हनुमान टीला हनुमान धाम पर चल रहे दो दिवसीय सत्संग के दूसरे दिन बाबा फुलसंदे वाला ने कहा कि मार्ग दर्शक के बिना जीवन सफल नहीं हो सकता। ये मार्गदर्शक सतगुरु होते हैं। गुरु के बिना भक्ति नहीं हो सकती।
देवपुत्र धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा हनुमान धाम पर आयोजित दो दिवसीय एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा सत्संग में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए बाबा फुलसंदे वाला ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा ही नहीं बल्कि इंसान के रुप में जन्म लेने का मकसद भी पूरा नहीं होता। राष्ट्रवाद, मानवतावाद और ईश्वरवाद में सबको विश्वास रखना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि जहां पर तपस्वी निवास करते हैं, जहां परमेश्वर की चर्चा भजन कीर्तन सुमिरन, आराधना निरंतर चलती रहती है, वहां देव आत्माएं भी विराजमान रहती है। इसलिए व्यक्ति को मंगल कार्य करने चाहिए। धार्मिक कार्य ही मनुष्य का कल्याण करते हैं। परमेश्वर से जो क्षमा मागते हैं उनके गुनाह माफ हो जाते हैं और दूसरों की जो मदद करते हैं, उनके बंद रास्ते खुल जाते हैं। सत्संग के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ उठाया।
हनुमानधाम पर सत्संग सुनते श्रद्धालु। स्रोत आयोजक