शामली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की सफल महिलाएं अब अन्य महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने और उत्पादों की बेहतर बिक्री के गुर सिखाएंगी। इसके लिए जिले में 32 महिलाओं का चयन किया गया है। इन्हें ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा।
जिले में एनआरएलएम के तहत करीब 70 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें कई महिलाएं साबुन, अचार, झंडे समेत अन्य उत्पाद तैयार कर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
विभाग ने थानाभवन की अनिता, सोनिया, राधिका, मनोरमा, पलक समेत 32 सफल महिलाओं को चिन्हित किया है। ये महिलाएं उन समूहों को प्रशिक्षण देंगी, जो समूह से जुड़ने के बावजूद स्वरोजगार में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान उत्पाद तैयार करने, पैकेजिंग, विपणन और बिक्री बढ़ाने के तरीके बताए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
जिला मिशन प्रबंधक (उपायुक्त एनआरएलएम) प्रेमचंद ने बताया कि चयनित महिलाओं का ब्लॉकवार प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू कराया जाएगा। उद्देश्य यह है कि अनुभवी महिलाओं के अनुभव का लाभ अन्य समूहों तक पहुंचे और जिले में महिला स्वरोजगार को और अधिक बढ़ावा मिले।