ग्रामीणों ने पुलिस की दबिश पर उठाए सवाल
चौसाना/झिंझाना (शामली)। चौसाना पुलिस कई मामलों को लेकर पहले से ही सुर्खियों में रही है। दथेड़ा में पुलिस दबिश पर ग्रामीणों ने कई सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि जब पुलिस ने घर पर दबिश दी तो पुलिसकर्मियों के साथ कोई भी महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। पुरुष पुलिस कर्मियों ने ही उन्हें दौड़ाकर पीटा। बिना महिला पुलिस कर्मी के पुलिस को घर में दबिश देना बिल्कुल गलत है। ग्रामीणों का कहना था कि थाने पर धरने पर काफी महिलाएं थीं, लेकिन इसके बाद भी कोई महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। पीड़ित महिला सुनीता ने आरोप लगाया की जब पुलिस ने उनके घर पर दबिश देकर महिलाओं के साथ मारपीट की, तो उन्होंने वारंट दिखाने को पूछा, लेकिन पुलिस सर्च वारंट भी नहीं दिखा सकी। आरोप है कि पुलिस वाले नशे में थे।
आरोप है कि 20 मिनट तक पीड़ितों को प्रताड़ित किया। पुलिस ने महिला और बच्चों को दौड़ाकर पीटा। एक पड़ोसी युवक सागर को भी चोट लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक लेन देन के मामले को पुलिस ने बेवजह तूल दिया। इस तरह दबिश दी जैसे कि वे कोई लुटेरे या डकैत हैं। यदि वह लूट करते तो क्या लूट की ट्राली को वहीं खड़ी रहने देते। उसे ठिकाने लगा दी जाती। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस को पहले पूरे मामले की जानकारी कर लेनी चाहिए थी। चौसाना चौकी पुलिस ने माहौल खराब करने की कोशिश की है।
सुर्खियों में है चौसाना पुलिस
झिंझाना। चौसाना चौकी पुलिस कई मामलों में सुर्खियों में है। एक सप्ताह पहले ही एक सिपाही पर पौने दो लाख रुपये ट्रांसपोर्टर से अवैध रूप से वसूलने का आरोप लगा था। जिसकी शिकायत एसपी शामली से लेकर डीआईजी तक की जा चुकी है। चार दिन पूर्व गंगोह के कुंडा के युवक के घर दबिश के दौरान लाठी-डंडों से मारपीट का भी आरोप लगा था। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व गंगोह के कुंडा में दबिश के दौरान भी मारपीट की चर्चा है। हालांकि पीड़ित् पक्ष ने शिकायत नहीं की।
सिपाही चलाता हैं चौकी को
चौसाना/झिंझाना। धरना दे रहे ग्रामीणों का आरोप था कि सिपाही सुशील पिछले तीन साल से भी अधिक समय से चौकी पर तैनात हैं। आरोप है कि पुलिस चौकी वही चलाते हैं।