शामली। जिला पंचायत के वार्डों के आरक्षण के संबंध में अब तीन जजों की खंडपीठ पांच अक्तूबर को सुनवाई करेगी। मंगलवार को दो जजों की खंड पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पूरा प्रकरण तीन जजों की खंडपीठ के लिए हस्तांतरित कर दिया है।
शामली, आजमगढ़, कानपुर जिलों के जिला पंचायत के वार्डों पर जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आरक्षण पर आपात्ति करते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिकाएं दाखिल की गई थी। शामली जनपद से हरेंद्र किवाना की ओर से यह याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने जिला प्रशासन से आरक्षण संबंधी रिकार्ड तलब किया था।
मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के लिए जिला प्रशासन की ओर हाईकोर्ट में जिला पंचायत के आरक्षण का रिकार्ड लेकर डीपीआरओ महेंद्र सिंह को भेजा गया था। हाईकोर्ट में हरेंद्र सिंह के अधिवक्ता निपुण कुमार ने अमर उजाला को मंगलवार देर शाम फोन पर बताया कि हाईकोर्ट में न्यायाधीश अरुण टंडन और अश्वनी मिश्रा की ओर से इस मामले को यह कहकर तीन जजों की खंड पीठ को हस्तांतरित कर दिया कि उत्तर प्रदेश शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है।
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की खंड पीठ ने ऐसी दो याचिकाओं का खारिज कर दिया है। इस मामले की सुनवाई तीन जजों की खंड पीठ करेगी। अधिवक्ता निपुण कुमार के अनुसार अब जिला पंचायत के आरक्षण पर आपत्तियों की सुनवाई पांच अक्तूबर को तीन जजों की खंडपीठ करेगी। उसी दिन तीन जजों की खंड पीठ की नियुक्ति की जाएगी।