शामली। आखिर शिवभक्तों पर मौसम मेहरबान हो गया। सुबह से आकाश में बादल छा जाने से मौसम ठंडा हो गया और बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिससे कांवड़ियों की राह आसान हो गई। मार्ग पर हर-हर, बम-बम के जयकारों के साथ कांवड़ियों की टोली लौटने लगी हैं।
सावन की शुरूआत होते ही दिन में तेज धूप और उमस भरी गर्मी चल रही थी। बुधवार सुबह आकाश में बादल छा गए। दोपहर होते की बूंदाबांदी का मौसम बन गया। बूंदाबांदी के दौरान शहर में शिवभक्त कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है। एक घंटे की बूंदाबांदी के बाद आकाश में कभी बादल तो कभी हल्की धूप निकली।
पूरे दिन मौसम सुहावना बना रहा। एक अनुमान के मुताबिक पिछले 24 घंटे में हरिद्वार से तीन हजार से ज्यादा कांवड़ियों का काफिला शहर से होकर हरियाणा और राजस्थान की ओर रवाना हुआ है। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर में सेवा शिविर लगने शुरू हो गए हैं।
बुधवार सुबह श्री हनुमानधाम पर पंडित कमल किशोर ने भगवान आशुतोष का पूजन एवं यज्ञ संपन्न कराया। इसके बाद 55वें कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, हनुमान धाम के सचिव राजकुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी, मुकेश मैनेजर मौजूद रहे।
हनुमान धाम के सचिव राजकुमार मित्तल ने बताया कि मंगलवार की शाम से लेकर बुधवार की शाम तक तीन हजार शिवभक्तों का आगमन हो गया है। कांवड़ शिविर में शिवभक्तों के ठहरने, भोजन के साथ ही दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
शिविर में रमेश धीमान, सुुुरेश शर्मा, बाल किशन सैनी, जोगेंद्र पाल सेठी, अमित प्रजापति, लाल सिंह लचक, मुकेश मैनेजर, संदीप नामदेव, सूरज चौधरी, पंकज कुमार, रामकुमार, श्रवण कुमार बाली का सहयोग रहा। कैैराना रोड पर गुलजारी वाले शिवालय के सामने कांवड़ शिविर का शुभारंभ महंत शैलेंद्र गिरी ने किया। इससे पूर्व पूजन और यज्ञ किया गया।
रंगीन रोशनी से जगमगाया शिव चौक
श्रावण मास शुरू होते ही शहर के बीच स्थित शिवचौक को बिजली की झालरों से सजाया गया है। रंगीन रोशनी से जगमग शिवचौक पर कांवड़िये परिक्रमा करके एवं जलाभिषेक, पूजन कर गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
शाम के समय कांवड़ियों की सेवा में स्वयंसेवी संस्थाओं से जुडे़ लोग दूध, चाय, पानी, फल का वितरण करते नजर आए। शाम के समय शिवचौक का नजारा देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कांवड़ मार्ग पर ज्यादातर कट बल्ली लगाकर बंद कर दिए गए हैं।
मन्नत पूरी होने पर कांवड़ लाया
शामली। आस्था की डोर से बंधे कांवड़ियां सैकड़ों किलोमीटर दूर पैदल चल रहे हैं। कोई कारोबार में तरक्की तो कोई शादी की मन्नत पूरी होने पर कांवड़ लाया है।
शहर के हनुमान धाम पर आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में हरिद्वार से गंगा जल लेकर पहुंचे राजस्थान के पथेरी जिले के मनोज कुमार का कहना था कि उनके परिजनों ने शादी की मनोकामना मांगी थी, इस साल उसकी शादी हो गई है। मनोकामना पूूरी होने पर वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया है। उसकी पहली कांवड़ है।
हरियाणा के नारनौल जिले के अजीत का कहना है कि वह अपने भाई बिल्लू के साथ कांवड़ यात्रा में सहयोग के लिए चल रहा है। बिल्लू का कारोबार कम चल रहा है। कारोबार में अच्छी बरकत हो जाए तो वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए हैं। उनके भाई की यह पहली कांवड़ है। हरियाणा के ही बागौत निवासी जयकिशन का कहना है कि वह कई सालों से बेरोजगार है। नौकरी की कामना पूरी होने के लिए कांवड़ लाया है। कांवड़ यात्रा में महेंद्रगढ, नारनौल, दुधडू राजस्थान की महिलाएं, दिव्यांग भी शामिल हैं।