शामली। संविदा सफाई कर्मी भर्ती में सामान्य और पिछड़ा जाति के आरक्षण का विरोध करते हुए जिलेभर के सफाई कर्मियों ने नगर में जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम ओपी वर्मा को सौंपकर अपना विरोध जताया।
मंगलवार को शामली, कांधला, कैराना, बनत के बाल्मीकि समाज के लोग शामली नगरपालिका परिषद के प्रांगण में एकत्र हुए। उत्तर प्रदेश स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ शामली शाखा की अध्यक्ष मीरा चावला के नेतृत्व में वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों ने शहर में जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जुलूस की वजह से मार्ग जाम हो गये। कलक्ट्रेट में सफाई कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
कलक्ट्रेट में सफाई कर्मियों के प्रदर्शन से भाकियू-रालोद के धरने-प्रदर्शन फीके पड़ गए। सफाई कर्मियों की मांगों को रालोद के पूर्व विधायक बलवीर सिंह किवाना, चौधरी बाबू सिंह, भाकियू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद निर्वाल आदि का समर्थन मिला। अध्यक्ष मीरा चावला के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ओपी वर्मा को ज्ञापन दिया।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में अवगत कराया कि शामली में सफाई संविदा कर्मचारियों की भर्ती के 330 पदों में से 75 पर बाल्मीकि समाज के लिए है। जबकि अन्य पदों पर सामान्य और पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है, जिसका बाल्मीकि सामाज विरोध करता है। वहीं, 35000 सफाई कर्मियों की प्रदेश में भर्ती के संबंध में सपा अनुसूचित जाति- जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव सर्व सेवक चंद्रवाल के साथ एक प्रतिनिधि मंडल डीएम ओपी वर्मा से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संविदा सफाई कर्मियो की भर्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों को महत्व दिए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में राकेश चटवाल, सोमदत्त गहलौत, रमेश चंद्रा, आशू, राजू, मुकेश प्रधान, प्रदीप मायूस आदि मौजूद रहे।