शामली। बकाया गन्ना भुगतान कराने और 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वह आंदोलन को मजबूर होंगे।
रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़ के नेतृत्व में मंगलवार को रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्रीय मांग ज्ञापन एडीएम भरत पांडे को साैंपते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते आज तक प्रदेश के किसानों को पिछले साल का गन्ना बकाया भुगतान नहीं मिला है। गन्ना मूल्य के लिए किसान परेशान है। सरकार-चीनी मिल मालिकों के साठगांठ के चलते वर्तमान पेराई सत्र चालू हुए दो माह पूरे हो चुके है, लेकिन अभी तक वर्तमान पेराई सत्र का गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया।
रालोद कार्यकर्ताओं ने 350 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य घोषित किए जाने और गत वर्ष का ब्याज समेत बकाया भुगतान दिलाने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया कि बिजली विभाग किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर रहा है। दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने और किसानों का बकाया गन्ना मूल्य नहीं दिए जाने तक बिजली एवं राजस्व वसूली स्थगित किए जाए।
रालोद कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग में भ्रष्टाचार समाप्त करने और बिगड़ी कानून व्यवस्था पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। धरने में पूर्व विधायक बलवीर सिंह किवाना, चौधरी बाबू सिंह, चौधरी रतनपाल सिंह पंवार, सतवीर सिंह पंवार, तरसपाल मलिक, योगेंद्र चेयरमैन, देशराज भनेड़ा, दिनेश कुमार, हरेंद्र किवाना, हरेंद्र ताना, अनवार टपराना, रणधावा मलिक, सचिन सरोहा, रामकुमार वर्मा, सतवीर मूंछ, रजनीश कोरी, आशुतोष पंवार आदि रहे।