शामली। बाल श्रम के खिलाफ जांच करने पहुंची टीम का घेराव करने पर व्यापारी नेता को हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ गया है। इसके विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों ने शिवचौक पर धरना दिया। मांग की कि जब तक इंस्पेक्टर शामली को निलंबित नहीं किया जाएगा, आंदोलन चलेगा। शाम तक धरना चलता रहा। वहीं, मामले को लेकर व्यापारियों ने बाजार बंद का आह्वान किया था, लेकिन इसका खास असर दिखाई नहीं दिया। शिवचौक के पास ही कुछ दुकानें बंद रहीं।
बृहस्पतिवार को एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य, श्रम विभाग के अधिकारी और अन्य लोग बाल श्रम रोकने के लिए चेकिंग करने निकले थे। शहर में फव्वारा चौक के पास भारत स्टील पर एक श्रमिक की उम्र कम महसूस होने पर उसको डाक्टरी के लिए भेजा जा रहा था। इस पर व्यापारियों ने विरोध और घेराव कर हंगामा कर दिया था। मौके पर बुलाई गई पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के नगराध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल को हिरासत में ले लिया था और जीप में बैठाकर थाने ले आई थी। इसी को लेकर व्यापारियों में आक्रोश पनप गया। बृहस्पतिवार की शाम व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार से मुलाकात कर इंस्पेक्टर जेएस कालरा को निलंबित करने की मांग की थी।
वहीं, शुक्रवार को बाजार बंद का आह्वान व्यापारियों ने किया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल सहित तमाम व्यापारी नेता एकत्र होकर बाजार बंद कराते घूमे। शहर के बड़ा बाजार, अजुध्या चौक, कबाड़ी बाजार, फव्वारा चौक, वीवी इंटर कॉलेज रोड, मिल रोड से होते हुए शिव चौक पर पहुंचे। व्यापारियों से दुकानें बंद रखने का आह्वान किया, लेकिन बंद का कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद शिवचौक पर टेंट लगाकर और दरी बिछाकर व्यापारी धरना देकर बैठ गए।
इस दौरान व्यापारी नेता घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि व्यापारियों को सुरक्षा और सम्मान चाहिए। प्रदेश सरकार ने सुरक्षा दी, लेकिन पुलिस व्यापारियों का अपमान कर रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोहित जैन और अंकित गोयल ने कहा कि पुलिस प्रशासन अपनी हठधर्मी चला रहा है, जिसे व्यापारी एकता के जरिये जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब तक इंस्पेक्टर शामली को निलंबित नहीं किया जाएगा, तब तक व्यापारी आंदोलन करेंगे। इस दौरान सूर्यवीर सिंह, ब्रजभूषण संगल, सुभाष धीमान, नरेंद्र अग्रवाल, पंकज गुप्ता, रमेश विश्वकर्मा, संजय संगल, वेदप्रकाश आर्य, मयंक जैन, आलोक जैन, आशीष जैन, प्रमोद ऐरन, गुरजीत सिंह बेदी, अमित गर्ग, कंवरबीर कांबोज, अमित जैन, पंकज ऐरन, अमित मित्तल, अजय बंसल, देवाशीष वर्मा, पवन संगल, ईश्वरचंद कंसल, पवन गोयल, पंकज वालिया, राहुल जैन, भूषण जिंदल आदि मौजूद रहे। उधर, बाद में भाजपा के जिलाध्यक्ष पवन तरार भी व्यापारियों के बीच धरनास्थल पर पहुंचे।
उधर, व्यापारियों के आंदोलन को देखते हुए शुक्रवार सुबह से ही शहर में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। शहर के बड़ा बाजार, वर्मा मार्केट, हनुमान रोड, शिवचौक, गांधी चौक पर पुलिस तैनात रही।
वहीं, शिवचौक पर शामली कोतवाली पुलिस के अलावा आदर्श मंडी थानाध्यक्ष और सीओ सिटी भी मौजूद रहे। उधर, खुफिया विभाग की टीम भी घटनाक्रम पर नजर बनाए रही।
यदि कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे इस्तीफा
सभासद पंकज गुप्ता ने कहा कि व्यापारी अपनी लड़ाई लड़ना जानते हैं, लेकिन उन नेताओं को भी सोचना होगा, जो चुनाव के दौरान व्यापारियों को अपना वोट बैंक मानते हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र अग्रवाल वरिष्ठ व्यापारी नेता हैं और भाजपा में भी जुड़े हैं, बावजूद इसके पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और बदमाशों की तरह पकड़कर थाने ले गई। यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई और व्यापारियों को इंसाफ नहीं मिला, तो वे इस्तीफा दे देंगे।
नहीं माने व्यापारी
शामली। पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे व्यापारियों के बीच शाम को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। व्यापारियोें को समझा बुझाकर मनाने का प्रयास किया, लेकिन व्यापारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद नारेबाजी के साथ हंगामा हुआ और धरना समाप्त कर दिया गया। व्यापारियों ने कहा कि जिला पुलिस प्रशासन का बहिष्कार कर दिया है और कांवड़ यात्रा सहित किसी भी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे।
शाम को करीब साढ़े छह बजे धरनारत व्यापारियों के बीच एडीएम केबी सिंह, एएसपी श्लोक कुमार, एसडीएम अरविंद कुमार, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह पहुंचे और व्यापारियों को समझाकर धरने से उठाने का प्रयास किया। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि हर अवसर पर व्यापारी वर्ग की तरफ से पुलिस प्रशासन का सहयोग किया जाता है, लेकिन पुलिस ने व्यापारी नेता नरेंद्र अग्रवाल के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया है।
उन्होंने इंस्पेक्टर शामली को निलंबित कराने की मांग रखी। काफी देर वार्ता चली, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसी बीच कुछ व्यापारियों ने नारेबाजी कर दी, जिससे हंगामे की स्थिति बन गई। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि व्यापारियों की तरफ से जिला प्रशासन का बहिष्कार कर दिया गया है। जब तक मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जिला प्रशासन का किसी भी कार्य में सहयोग नहीं किया जाएगा।
उधर, व्यापारियों और पुलिस प्रशासन के बीच हुए विवाद को सुलझाने के लिए गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने भी प्रयास किया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से इस बारे में वार्ता की और व्यापारियों के हित में बात रखी। वहीं, शुक्रवार को स्थानीय अधिकारियों को भी मौके पर भिजवाया गया।
पुलिस करती रहेगी सहयोग : एसपी
एसपी का कहना है कि व्यापारी बहिष्कार करें या न करें, लेकिन हम जनता के सेवक हैं। व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान में हमेशा साथ रहेंगे। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। व्यापारियों को जब भी कोई समस्या होगी, तो उसका त्वरित समाधान किया जाएगा।