शामली। पूर्वी यमुना नहर की 203 किमी लंबाई और चार जिले शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद होने के बावजूद, बागपत खंड नया बन जाने के बाद शामली जिले के एलम, नाला और कांधला गांव बड़ौत जिलेदारी में शामिल कर दिए गए।किसानों का कहना है कि इससे उन्हें सिंचाई और पानी की व्यवस्था में परेशानी हो रही है।
शामली कलक्ट्रेट में डीएम अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में नाला गांव के किसान सुनील पंवार ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि पूर्वी यमुना नहर और रजबहा टूट जाने के बाद, किसानों को बड़ौत जिलेदारी और बागपत खंड में पानी बंद करवाने के लिए सिंचाई विभाग के अफसरों पर दबाव बनाना पड़ता है।
किसानों की सुनवाई न होने पर कई बार उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुनील पंवार ने एलम, कांधला और नाला गांव को बड़ौत जिलेदारी से हटाकर कांधला जिलेदारी में शामिल करने की मांग की थी। डीएम अरविंद कुमार चौहान ने मामले की सुनवाई करते हुए, पूर्वी यमुना नहर खंड, शामली के अधिशासी अभियंता विवेक कुमार को तलब किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि एलम, नाला और कांधला को बड़ौत जिलेदारी से हटाकर कांधला जिलेदारी में शामिल करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाए।
पूर्वी यमुना नहर का जाल, चार जिले और तीन खंड
शामली। पूर्वी यमुना नहर की लंबाई 203 किमी है, जो चार जिले सहारनपुर, शामली, बागपत और गाजियाबाद में फैली हुई है। सहारनपुर-शामली और बागपत खंड में कुल 13 जिलेदारी हैं, जिनमें शामली जिले में शामली, कांधला, लालूखेड़ी, जौला, बागपत में बड़ौत और डौला शामिल हैं।