बाबरी। दीपावली पर्व नजदीक आते ही मिट्टी के दीयों को बनाने का कार्य तेजी से होने लगा है। बाबरी निवासी दीपक प्रजापति अपनी पत्नी मनु रानी के साथ दिन-रात मेहनत कर मिट्टी के दीपक बना रहे हैं। उनके बनाए दीपकों से लोगों के घर दीपावली में जगमगाएंगे। दीपक ने बताया कि उनका मिट्टी से दीये बनाने का पुश्तैनी कार्य करीब 60 वर्षों से चला आ रहा है। पहले मिट्टी गांव में ही आसानी से मिल जाती थी। लेकिन अब गांव में मिट्टी खुदान के स्थान पर मछली पालन होने लगा है। जिसके चलते मिट्टी हाथी करौदा से लानी पड़ती है। जिससे भाड़े में अधिक खर्च होता है।
हर वर्ष उनके बनाए हुए दीये जिले के अलावा मुजफ्फरनगर में भी बिकते हैं। अभी तक करीब 30 हजार दीये बना कर तैयार किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि दो वर्षों से कोरोना महामारी के चलते बेरोजगारी झेल रहे हैं। इस बार सरसों के तेल का भाव 200 रुपये के करीब पहुंच गया है। जिसके कारण ग्रामीणों में मिट्टी के बने दीपकों के प्रति कम रुझान की चिंता सता रही है।