शामली। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के बाईपास का निर्माण अंतिम चरण में है। यह बलवा गेट से शुरू होकर तहसील से होता हुआ साईंधाम मंदिर से 250 मीटर आगे दिल्ली-सहारनपुर हाईवे में मिल रहा है। बाईपास ऊंचा होने से दिल्ली-सहारनपुर रोड काफी नीचा हो गया है। शामली बाईपास और दिल्ली-सहारनपुर रोड बराबर करने के लिए मिट्टी डालने का काम शुरू हो गया है। निर्माण कर रही कंपनी के मैनेजर जितेंद्र बालियान ने बताया कि अंबा विहार से लेकर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को बाईपास के जितना ऊंचा किया जाएगा। ऊंचा करने के लिए दिल्ली-सहारनपुर मार्ग को मिट्टी डालने का कार्य शुरू होगा।
एनएचएआई ने शुरू नहीं की अधिग्रहण की कार्रवाई
टपराना से शुरू हो रहा मेरठ-करनाल हाईवे बाईपास को तहसील के पास क्रास जंक्शन से जोड़ने के लिए सर्वे कराकर निशानदेही की गई थी। निशानदेही में किसानों की भूमि के अलावा अंबा विहार कॉलोनी और श्याम विहार कॉलोनी का भी कुछ हिस्सा शामिल था। मेरठ-करनाल बाईपास की भूमि अधिग्रहण कार्रवाई एनएचएआई ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे तक तो भूमि अधिग्रहण कर ली थी, लेकिन अंबा विहार कॉलोनी से तहसील के क्रॉस जक्शन तक भूमि खरीदने और अधिग्रहण की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे यहां के किसानों और भूमि स्वामियों के बीच संशय बना हुआ है कि बाईपास कहां मिलेगा। इस सबंध में बागपत एनएचएआई अधिकारी भी साफ नहीं बता रहे है। मेरठ-करनाल हाईवे की निर्माण एजेंसी के अफसर भी संशय की स्थिति में है। एडीएम शामली संतोष कुमार का कहना है कि मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास को क्रॉस जक्शन से जोड़ने के लिए भूमि खरीदने और अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए कोई रिकॉर्ड एनएचएआई ने नहीं भेजा है।