शामली। दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन हाईवे के तहत शामली बाईपास के लिए ली जाने वाली जमीन की पैमाइश पूरी कर ली गई है। जिन किसानों के बैनामे होने बाकी हैं, वह भी जल्दी ही हो जाएंगे। इसके बाद बाईपास का निर्माण शुरू होगा।
शामली बाईपास के लिए ली जाने वाली जमीन के बैनामे पूर्ण होने पर कुछ किसानों ने मुआवजा दर को लेकर विरोध कर दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपसा) की टीम और किसानों के बीच वार्ता कराई और फिर मुआवजे की संशोधित दरों की संस्तुति करके शासन को रिपोर्ट भेज दी थी।
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद मुआवजे की दरें संशोधित कर दी गई थी। दो दिन से उपसा के नायब तहसीलदार प्रतीक त्रिपाठी, कानूनगो नरेश मलिक, लेखपाल उमादत्त शर्मा, त्रिलोक चंद, धर्मवीर और जयपाल सिंह बाईपास की जमीन की पैमाइश करने में लगे हुए हैं। शुक्रवार को टीम ने चिह्नित भूमि के खसरा नंबर 110, 111, 112, 112, 113, 114, 115 और 1126 की पैमाइश पूरी कर ली। माना जा रहा है कि पैमाइश पूरी होने और बैनामे होने पर उपसा की टीम जमीन पर कब्जा प्राप्त कर लेगी, जिसके बाद शामली बाईपास का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि शामली बाईपास दिल्ली रोड पर बलवा के पास से मेरठ रोड पर सिंभालका और कुड़ाना रोड पर सेंहटा से होते हुए मुजफ्फरनगर रोड पर तहसील के पास से सहारनपुर रोड पर साईंधाम के निकट जाकर मिलेगा। बाईपास के निर्माण से दिल्ली से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ की तरफ जाने और उधर से आने वाले भारी वाहनों की आवाजाही शहर के भीतर बंद हो जाएगी। इससे शहर में लगने वाला ट्रैफिक जाम भी काफी हद तक कम हो जाएगा।