इस तरह के मामलों की बानगी...
केस-1
शहर के काजीवाड़ा के रहने वाले बुजुर्ग के पास अनजान महिला सोनिया नाम की फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसके बाद युवती स्वयं निर्वस्त्र होते हुए वीडियो कॉल की। 55 वर्षीय बुजुर्ग से निर्वस्त्र होने के लिए कहा। बुजुर्ग बहकावे में आ गया। इसके बाद महिला ने अश्लील वीडियो बुजुर्ग को भेजा और कहा कि उसे 50 हजार रुपये नहीं दिए तो वीडियो को उसके परिजनों और दोस्तों को भेज देगी। पीड़ित ने दो बार में 50 हजार रुपये बताए गए खाते में भेज दिए। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत की।
केस-2
सोंटा रसूलपुर के रहने वाले युवक को सेक्सटॉर्शन गिरोह के सदस्य ने चंगुल में लेकर 20 हजार रुपये हड़प लिए। रुपये मांगने पर वीडियो को उसके दोस्ताें को शेयर करने की धमकी दी। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
केस-3
शामली के दिल्ली रोड पर रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग के पास रिया नाम की फेक फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। दोनों में चैट होने लगी। दूसरी ओर से बोलने वाली युवती ने बुजुर्ग को निर्वस्त्र होने को कहा। बहकावे में आकर बुजुर्ग ने कपड़े उतार दिए। इसके बाद युवती ने बुजुर्ग का अश्लील वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी देते हुए 80 हजार की मांग की। बुजुर्ग ने पुलिस से शिकायत की है।
ये तीन मामले तो बानगी भर मात्र हैं। हर माह जिले में तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं।
सेक्सटॉर्शन के जिलों में मामलों की बानगी...
माह मामले
सितंबर 3
अगस्त 3
जुलाई 2
जून 4
मई 4
नोट : ब्योरा पुलिस से लिया गया है।
पुलिस शिकायत पर तुरंत लेती है एक्शन
एसपी अभिषेक का कहना है कि सेक्सटॉर्शन के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन कुछ लोग उनके झांसे में आकर अपना पैसा गंवा देते हैं। तो कई लोग शर्मिंदगी के भय से आगे नहीं आते। लोगों को गिरोह की शिकायत पुलिस से करनी चाहिए, ताकि अन्य को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके। पुलिस इस तरह के मामलों में तुरंत एक्शन लेती है। पूर्व में एक गिरोह को पुलिस पकड़ भी चुकी है।
कुछ यूं फंसा रहे बुजुर्ग और युवाओं को...
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फेसबुक के जरिए अपने शिकार (पीड़ित) को चुनते हैं। उससे पहले बातचीत करते हैं और फिर लड़की बनकर कामुकता भरे मैसेज भेजते हैं। इसके बाद पीड़ित (फेसबुक यूजर) को वीडियो कॉल पर आने को कहा जाता है। गैंग मेंबर पीड़ित को एक वीडियो दिखाते हैं, जो पहले से उनके फोन में होती है और पीड़ित को ऐसा प्रतीत करवाया जाता है कि यह रियल वीडियो कॉल है। वॉयस एप के जरिए पीड़ित से बात करते हैं। पीड़ित को लगता है कि वह वास्तव में लड़कियों से लाइव बात कर रहा है। स्क्रीन पर उसकी वीडियो रिकॉर्ड हो जाती है। सोशल मीडिया पर वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित व्यक्ति से वसूली की जाती है और अकाउंट में पैसे डलवाए जाते हैं।
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