शामली। यदि मन में कुछ करने जज्बा हो तो कोई भी मंजिल आसान नहीं होती। ऐसा ही कर दिखाया है जिले के किसान, ट्रैक्टर मैकेनिक और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों ने। मन मजबूत किया। खूब मेहनत की और सीमित संसाधनों में ही यूपी बोर्ड की इंटर और हाईस्कूल परीक्षा में जिला टॉप करने में कामयाबी हासिल की। अच्छी बात है कि इनमें से अधिकांश से केवल स्कूल की पढा़ई और सिर्फ घर में ही तैयारी करके यह सफलता हासिल की। कुछ ने कोचिंग की बजाय ऑनलाइन तैयारी की। हाईस्कूल और इंटर के टॉपर्स से बातचीत।
प्रोफेसर बनकर पिता का सपना पूरा करना चाहता है कार्तिक
गांव बलवा के कार्तिक शर्मा ने हाईस्कूल में 96.17 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्तिक ने बताया कि उन्होंने यह सफलता बिना ट्यूशन के प्राप्त की है। उनके पिता करुणकांत शर्मा सरस्वती बालक इंटर काॅलेज में गणित के शिक्षक हैं। उनकी माता सीमा गृहणी हैं। उनके पिता का सपना है कि उनका बेटा भी उनकी तरह प्रोफेसर बनकर नाम रोशन करे। छात्र ने बताया कि वह आगे की पढ़ाई करते हुए इंटर व स्नातक के बाद एमफिल व पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर गणित विषय के अच्छे प्रोफेसर बनकर अपने पिता का नाम रोशन करेंगे। कार्तिक का कहना है कि वह पिता का सपना जरूर पूरा करेगा।
डॉक्टर की बेटी डॉक्टर बनकर करना चाहती हैं गरीबों की सेवा
गांव लिलौन की बेटी अर्पण ने हाईस्कूल में 95.50 प्रतिशत अंकों के साथ जनपद में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अपर्ण ने बताया कि उसने यह सफलता ऑनलाइन पढ़ाई व स्कूल के शिक्षकों की मेहनत से बिना कोचिंग चार घंटे की नियमित पढ़ाई करके की है। उसके पिता उसके प्रेरणास्रोत हैं। उसका सपना डॉक्टर बनने का है। मां कविता गृहणी हैं। उनके पिता का सपना है कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर सरकारी डॉक्टर बनकर गरीब जनता की सेवा करें। वह इसे पूरा करने के लिए खूब मेहनत करेगी।
ट्रैक्टर मैकेनिक की बेटी बनना चाहती आईएएस
शामली के मोहल्ला गुलशन नगर निवासी बुशरा ने हाईस्कूल में 95.33 अंक प्राप्त कर जनपद में तृतीय स्थान प्राप्त किया। बुशरा ने बताया कि उनके पिता अहसान अली एक ट्रैक्टर मैकेनिक हैं। उनकी माता चमन टपराना गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हैं। बुशरा ने बताया कि उसने यह सफलता बिना कोचिंग किए चार घंटे की नियमित पढ़ाई कर प्राप्त की है। उनके पिता बीएससी पास हैं और उनकी माता एमए बीटीसी पास हैं। वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं, जिसके लिए मेहनत से जुटी हुई है।
-इंटर टॉपर्स से बातचीत
आईएएस बनकर पिता का सपना पूरा करेगा कन्हैया
शामली के मोहल्ला दयानंदनगर निवासी कन्हैया मंगल इंटर में 89.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया है। कन्हैया ने बताया कि उनके पिता राकेश कुमार एकाउंटेंट के पद पर नौकरी करते हैं। वह अपने पिता के अकेले पुत्र हैं। उनकी माता की मृत्यु हो चुकी है। उनके पिता ने उसे मां और पिता दोनों का प्यार दिया। उनका सपना उसे आईएएस बनते देखना है। वह अपने पिता का सपना जरूर पूरा करेगा। उन्होंने यह सफलता प्रतिदिन तीन घंटे बराबर पढ़ाई करते हुए बिना कोचिंग लिए प्राप्त की है। कक्षा 10वीं में भी उसने जनपद में छठवां स्थान प्राप्त किया था। अब वह पानीपत की यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई करते हुए आईएएस की तैयारी में जुट जाएगा। उनके पिता का दो वर्ष पहले एक्सीडेंट हो गया था, परिवार में कमाने वाले केवल उनके पिता ही है, लेकिन फिर भी उनके पिता ने उन्हें सभी सुविधाएं दीं।
सात घंटे की नियमित पढ़ाई से पाई यश ने सफलता
शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी छात्र यश कुमार इंटर में 89.80 प्रतिशत समान अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे। छात्र ने बताया कि उनके पिता मोहल्ले में ही परचून की दुकान करते हैं। उनकी माता गीता गृहणी हैं। उसने यह सफलता हर दिन सात घंटे बिना कोचिंग के पढ़ाई कर प्राप्त की है। उसके पिता का सपना उसे इंजीनियर बनाने का है। वह अब आगे पढ़ाई करते हुए जेईई मेंस की तैयारी करते हुए आगे बढ़ेंगा।
किसान की बेटी रिया बनना चाहती हैं वैज्ञानिक
गांव लिसाढ़ की छात्रा रिया मलिक ने इंटर में 89.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जनपद में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। छात्रा ने बताया कि उनके पिता किसान हैं। माता नीशि मलिक गृहणी हैं। उसने आठ घंटे लगातार पढ़ाई और कोचिंग करते हुए यह सफलता प्राप्त की। पिता का पहले ही सपना उन्हें वैज्ञानिक बनाने का है। वह आगे भी ऐसे ही मेहनत करते हुए वैज्ञानिक बनकर पिता का सपना पूरा करेगी।