शामली। यमुना खादर क्षेत्र की भूमि के संबंध में यूपी-हरियाणा सीमा विवाद सुलझ नहीं पा रहा है। कैराना क्षेत्र के किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि हरियाणा के किसानों से कब्जे की जमीन को प्रशासन मुक्त नहीं करा रहा है। मांग कि यूपी के किसानों की जमीन कब्जा मुक्त करा कर हमला करने वाले हरियाणा के लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएं।
शनिवार को कैराना क्षेत्र के गांव मवीं के किसान एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। धरना प्रदर्शन कर अपर जिलाधिकारी भरतजी पांडेय को ज्ञापन सौंपा। बताया कि ग्राम मवी और रीशपुर के जंगल में यूपी के किसानों की करीब तीन हजार बीघा जमीन पर हरियाणा के लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। करीब 15 साल से अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। बावजूद इसके अवैध कब्जा नहीं हट पा रहा है।
वहीं, शुक्रवार को कैराना तहसील में दोनों राज्यों के राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में अभिलेखों का मिलान कराया गया, जिसमें तय हुआ कि विवाद समाप्त होने तक उक्त जमीन पर कब्जा नहीं किया जाएगा।
आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने हरियाणा के किसानों को जमीन पर जुताई करने के लिए कह दिया, जबकि यूपी के किसानों को कह दिया कि तुम अपने घर जाओ और उक्त जमीन पर किसी तरह का कृषि कार्य मत करना। किसानों का कहना था कि प्रशासनिक अधिकारियों को यूपी के किसानों के हित में कार्य करना चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। किसानों ने बताया कि पिछले दिनों हरियाणा के लोगों ने मवी गांव के किसानों पर हमला कर दिया था, इस मामले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उनकी मांग है कि हरियाणा के लोगों से जमीन कब्जा मुक्त कराई जाएं और हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों में पवन सिंह, अतर सिंह, भंवर सिंह, महिपाल, पूरण, अख्तर, मित्रसैन, यूसुफ, राजवीर, रामकुमार और मंगता आदि मौजूद रहे।