झिंझाना। क्षेत्र के कस्बा ऊन स्थित इलाहाबाद बैंक से ग्राहक ने नकदी निकाली दो हजार रुपये, लेकिन उसके खाते से चार हजार रुपये निकल गए। दो सप्ताह बाद पासबुक में एंटृी कराने पर ग्राहक को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने पर उसने शिकायत की। प्रबंधक ने उसे डांटकर भगा दिया। पीड़ित ने
जिलाधिकारी शामली के साथ बैंक की मुख्य शाखा को शिकायती पत्र भेज कर न्याय दिलाने की मांग की है।
इलाहाबाद बैंक ऊन की शाखा से किसान बख्शीश सिंह निवासी रंगाना फार्म ने 22 नवंबर को अपने खाते से दो हजार रुपये निकलवाए थे। 16 दिसंबर को पासबुक में एंट्री कराने पर मालूम हुआ की उस दिन दो के बजाय चार हजार रुपये दो बार में निकाले गए। इस संबंध में बैंक प्रबंधक दौलत राम से बात करने पर उन्होंने बताया कि खाते की जांच कर ली गई है। कैशियर की गलती से ऐसा हुआ है। इसके अलावा एक ग्राहक रुपये देने के बाद उसके खाते से रुपये डेबिट नहीं हो पाए थे।
वह भी गलती से दूसरे ग्राहक के खाते से डेबिट हो गए थे। ये सब बैंक में भीड़ अधिक होने के कारण हो रहा है। गलती का सुधार किया जा रहा है। उसके अलावा बैंक के ग्राहकों ने शुक्रवार को तहसीलदार ऊन का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंप कर बैंक प्रबंधक व स्टाफ द्वारा किए जा रहे घपले की जांच कराने की मांग की है।
उधर, किसान बख्शीश सिंह ने जिलाधिकारी शामली सुजीत कुमार के साथ बैंक के मुख्य शाखा को शिकायती पत्र भेज कर मामले की जांच कराकर उसके रुपये वापस दिलाने की मांग की है। तहसीलदार को ज्ञापन देने वालों में महिला सीमा, सोमती, शीला, फातिमा, गौरव, पीतम सिंह, नरसिंह, सत्यम, सुशील, बिट्टू आदि रहे हैं।