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Shamli News: विदेश घुमाने का सपना टूटा, तीन माह में ही बिखर गया भरोसा

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शामली। जिले में शादियों पर जमकर खर्च हो रहा है। कहीं 60 लाख तो कहीं एक करोड़ रुपये तक खर्च करने का दावा परिजन कर रहे हैं, इसके बावजूद विवाहिता का वैवाहिक जीवन कुछ ही महीनों में दरकने लगता है। पति द्वारा विदेश घुमाने का वादा पूरा न करना और मामूली मनमुटाव अब तलाक, वन स्टाप सेंटर और मारपीट तक पहुंच रहे हैं। पिछले दो माह में ऐसे आठ मामले वन स्टाप सेंटर शामली में दर्ज हुए हैं।
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वन स्टाप सेंटर के रिकॉर्ड बताते हैं कि अधिकांश मामलों में दंपती के बीच विवाद की असली वजह वादाखिलाफी ही है। पति शादी से पहले विदेश घुमाने या पत्नी की नौकरी की इजाजत देने का वादा करता है, लेकिन बाद में बात बदलने पर कलह शुरू हो जाती है। यह कलह धीरे-धीरे झगड़े और रिश्ते टूटने की स्थिति तक पहुंच रही है। संवाद
मामलों की बानगी

केस-1 :

चार माह में टूटा सपना

शामली के दिल्ली रोड निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर ने बताया कि बेटी की शादी चार माह पूर्व जलालाबाद निवासी युवक से की थी। शादी में 60 लाख रुपये से अधिक खर्च किए, ज्वैलरी और कार तक दी। आरोप है कि पति विदेश घूमाने का वादा निभा नहीं सका और विवाहिता के साथ मारपीट करने लगा। मामला वन स्टॉप सेंटर पहुंचा और सुलह का प्रयास जारी है।
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केस-2 :

करोड़ की शादी, फिर भी विवाद

कांधला निवासी एक अध्यापिका ने आरोप लगाया कि पिता ने शादी में एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया। दूल्हे और उसके पिता को कार भी दी, लेकिन पति और ससुरालजन प्रताड़ित कर रहे हैं। विदेश घूमाने का वादा अधूरा रह गया, जिस कारण घर का माहौल बिगड़ गया। वन स्टाप सेंटर में मामले की शिकायत पहुंची।



केस-3 :

अतिरिक्त दहेज की मांग

लिलोन गांव की विवाहिता ने शिकायत दी कि छह माह पूर्व उसकी शादी बागपत निवासी युवक से हुई थी। शादी में 60 लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ, लेकिन अब ससुरालजन अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे हैं। वन स्टॉप सेंटर दंपती में सुलह कराने की कोशिश कर रहा है। जांच में सामने आया है कि शादी से पहले घूमाने के वायदे को पूरा नहीं करने के कारण भी दंपती के बीच विवाद बना।



बदल रहा है ट्रेंड



वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों के अनुसार, मामलों की जांच में सामने आया है कि अब विवाहिता पक्ष खुद स्वीकार कर रहा है कि बेटियों की शादी में 60 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद पति-पत्नी के बीच विदेश घूमाने, नौकरी करने की अनुमति और संयुक्त परिवार में नही रहने जैसे मुद्दे विवाद का कारण बन रहे हैं।



मायकेवालों का हस्तक्षेप भी कारण

वन स्टॉप सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी कहती हैं कि दंपती विवाद का सबसे बड़ा कारण मायकेवालों का दखल भी है। विवाहिता अक्सर मायकेवालों को छोटी-छोटी बातें बताती है और फिर उनके कहने पर मामला थाने या सेंटर तक पहुंच जाता है। अगर पति-पत्नी की समस्याओं में बड़े-बुजुर्गों का हस्तक्षेप हो, तो विवाद आसानी से सुलझ सकते हैं। विवाहिता को ससुराल को ही अपना घर मानना चाहिए।
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