चौसाना। जिजौला गांव में मनरेगा से बनी सीसी सड़क पर लगे शिलापट को लेकर राजनीतिक विवाद गरमा गया है। शिलापट पर नाम न होने से नाराज मौजूदा ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से शिकायत की। डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को सौंपते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने गांव पहुंचकर शिलापट हटवा दिया।
जिजौला ग्राम पंचायत में करीब दो माह पहले मनरेगा के तहत दो लाख रुपये से अधिक की लागत से 53 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। इस सड़क पर पंचायत सदस्य गुफरान राणा के नाम का शिलापट लगवाकर ग्रामीणों के साथ उद्घाटन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शिलापट पर अपना नाम न होने से खफा प्रधान आदिल राणा ने डीएम अरविंद कुमार चौहान से शिकायत की। डीएम ने जांच का जिम्मा सीडीओ विनय कुमार तिवारी को सौंप दिया। सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ मौके पर पहुंचे और शिलापट हटवाकर जांच रिपोर्ट तलब की।
सीडीओ ने बताया कि यदि ग्राम प्रधान कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।