चौसाना। पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए बैठी पंचायत में निर्णय नहीं मानना लड़के पक्ष को भारी पड़ गया। कई गांवों के लोगों की पंचायत में लड़के पक्ष का बिरादरी से बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया गया।
सहारनपुर के गांव उमरपुर निवासी संतरेश पुत्री बाबूराम की शादी करीब दस साल पहले साल्हापुर जिला शामली निवासी प्रमोद पुत्र जगदीश के साथ हुयी थी। कुछ साल तक शादीशुदा जीवन ठीक ठाक बीता। इस बीच तीन बच्चे भी हुए। आरोप था कि बाद में प्रमोद व उसके परिवार ने संतरेश के साथ मारपीट शुरू कर दी। ससुरालियों से तंग आकर संतरेश मायके चली आई।
संतरेश के परिवार ने प्रमोद सहित उसके परिवार पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज कर दिया गया था। इस मसले पर करीब एक सप्ताह पूर्व
पंचायत हुई। जिसमें संतरेश को प्रमोद के हिस्से की जमीन दिए जाने की बात रखी गई, लेकिन प्रमोद के परिवार ने इस बात को नहीं मानी और संतरेश के परिवार को बंधक बना लिया।
पंचायत को बंधक बनाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचायत को बंधनमुक्त कराया। आरोप था कि पंचायत के लोगों के साथ
मारपीट भी की गई। अब फिर से बृहस्पतिवार की शाम को इस मसले पर गांव खोडसमा में बिरादरी की पंचायत हुई। जिसमें प्रमोद के परिवार कोे बिरादरी से अलग कर परिवार का हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुनाया गया।
पंचायत के मुखिया करेशन का कहना है कि प्रमोद, विक्रम व विकास पुत्रगण जगदीश से बिरादरी का कोई भी व्यक्ति नाता नहीं रखेगा और न इनके परिवार से कोई रिश्ता करेगा। टोडा, चौसाना, गढ़ी हसनपुर, भोगीमाजरा, मौहम्मदपुर, महंगी, जेहरा, दूधला, डूभर, ततारपुर कलां, प्रवणपुर, बांसदेई आदि गांवों के लोग शामिल हुए।