शामली में स्थित आट्ठे वाला मंदिर।
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शामली। शहर की पुरानी सब्जी मंडी स्थित मराठा कालीन माता शाकंभरी देवी सिद्ध पीठ मंदिर स्थित है। यह आट्ठे वाला मंदिर के नाम प्रसिद्ध है और भक्त लालू पंडा वाला मंदिर के नाम से भी इसे जानते हैं। इस मंदिर की मान्यता है, कि मंदिर में विराजमान मां शाकंभरी के दर्शन मात्र से कष्टों का निवारण होता है।
जिले में कैराना में कस्बे में मराठा कालीन श्री दुर्गा देवी मंदिर, चौसाना क्षेत्र के दथेड़ा का मां दुर्गा मंदिर और शामली का पुरानी सब्जी मंडी में मां शाकंभरी देवी आट्ठे वाला मंदिर, शहर के गोशाला रोड पर चौदस वाला माता मंदिर में मेलों का आयोजन होता है। मोहल्ला पंसारियान में सती मंदिर, टंकी रोड स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर सिद्धपीठ है।
मंदिर का इतिहास
पुरानी सब्जी मंडी वाला प्राचीन मां शाकंभरी देवी मंदिर कमेटी के प्रधान अश्वनी कांबोज बताते है कि सब्जी मंडी स्थित मंदिर परिसर में नमक के बोरे में सैकड़ों साल पहले माता शाकंभरी देवी की प्रतिमा मिली थी। मंदिर के पुजारी को मां ने सपने में बताया। उसके बाद मंदिर में मां की प्रतिमा विधि-विधान से स्थापित कर दी। उनका कहना है कि इस मंदिर की मान्यता सहारनपुर जिले के मां शाकंभरी देवी मंदिर के समान है। श्री दुर्गा नवरात्रों में अष्टमी के दिन मंदिर पर मेला लगता है। नवरात्र के दिनों में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मां शाकंभरी देवी के दर्शन करके मन्नतें मांगते है। मंदिर परिसर में शिव परिवार, भगवान विष्णु लक्ष्मी, हनुमान जी और शिव के मंदिर है। मंदिर के महंत प्रदीप पांडे है। उनका कहना है कि सिद्धपीठ माता के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं के कष्ट मिट जाते हैं।