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सज रहा मां शाकंभरी का दरबार, जल रही अखंड ज्योति

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जलालाबाद के मां शाकुंभरी शक्तिपीठ देवी मंदिर में स्थापित मूर्ति। - फोटो : SHAMLI
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सज रहा मां शाकंभरी का दरबार, जल रही अखंड ज्योति
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शामली, जलालाबाद। क्षेत्र का प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मां दुर्गा देवी स्वरूप मां शाकंभरी देवी का मंदिर कस्बे के लुहारी गेट मेन रोड पर है। मंदिर का शिखर उच्च कलाकृति का प्रतीक है। दुर्गा देवी मंदिर 160 वर्ष पुराना प्राचीन है। वर्ष में शरद व चैत्र मास को चतुर्दशी पर माता की भव्य मंगला आरती कस्बे में निकलती है। 10 दिनों तक बड़ा मेला लगता है। जिसमें क्षेत्र से लेकर दूरदराज के श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर के पुजारी पंडित चंद्रमोहन शास्त्री ने बताया कि मां शाकंभरी देवी की सुंदर विशाल मूर्ति स्थापित है। साथ-साथ मंदिर प्रांगण में हनुमान जी, नवदुर्गा संतोषी और काली माता की मूर्तियां हैं। जिनके दर्शन मात्र से ही श्रद्धालुओं का मन श्रद्धा से भर जाता है। मां के नवरात्र में पूजा पाठ में व्रत रखने से मनोकामना पूर्ण होती है। बताते हैं कि 160 वर्ष पूर्व मां भगवती के उपासक भक्त योगी परिवार के देवी नाथ जी महाराज मूर्ति को जयपुर से डोले में विराजमान कर भक्तों के साथ लाए थे। कस्बे के बाहरी छोर पर स्थापित विधि विधान के साथ उच्च शिखर मंदिर में स्थापित किया था। मंदिर के ऊपरी भाग में योगी देवी नाथ की मूर्ति का निर्माण भी कारीगरों ने किया है। मंदिर में सुबह-शाम भव्य आरती, पूजा का नित्य प्रति आयोजन होता है।
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नवरात्र में मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है। प्रतिदिन महिला संकीर्तन मंडल की ओर से कीर्तन किया जाता है। मंदिर में मूर्ति के समक्ष देसी घी की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित रहती है, जिसके भक्तजन दर्शन करते हैं। यह क्षेत्र का प्राचीन सिद्ध पीठ मंदिर है। मंदिर की देखरेख एक प्रबंध समिति करती है। अष्टमी को मां की ज्योति से नगर परिक्रमा होती हैं।

जलालाबाद के मां शाकुंभरी शक्तिपीठ देवी मंदिर के पुजारी चंद्रमोहन शास्त्री।- फोटो : SHAMLI

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