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Shamli News: आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी पर लगाया 1.04 लाख रुपये जुर्माना

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- मेडिकल क्लेम की धनराशि में कटौती करने पर आयोग ने सुनाया आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मेडिकल क्लेम की पूरी धनराशि न देने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी पर 1,04,384 रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
वाटर वर्क्स काॅलोनी शामली निवासी विजेंद्र गुप्ता ने सात मई को 2019 को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शामली और महाप्रबंधक मुंबई के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी ने बताया कि उसने विपक्षी से हेल्थ सेवर पॉलिसी 2012 में ली थी। पॉलिसी की वैधतता 18 अप्रैल 2034 तक थी। 15 सितंबर 2018 को परिवादी के सीने में अचानक दर्द हुआ। परिवादी पीजीआई चंडीगढ़ इलाज हेतु गया, जहां उनकी एंजियोग्राफी कर स्टंट डाले, जिसमें 2,16,075 रुपये का खर्चा आया।
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परिवादी ने मेडिकल क्लेम किया, लेकिन विपक्षी ने 12 अक्तूबर 2018 के पत्र द्वारा संपूर्ण क्लेम धनराशि के बजाए 1,71,692 रुपये का क्रेडिट परिवादी के खाते में ट्रांसफर किया गया जबकि पाॅलिसी के नियम के अनुसार किसी भी तरह के आपातकाल की स्थिति में संपूर्ण क्लेम धनराशि बिना किसी कटौती के पॉलिसी धारक को प्रदान की जाती है, लेकिन 20 प्रतिशत की धनराशि 44384 रुपये विधि विरुद्ध काट लिए।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद पर सुनवाई के बाद विपक्षी बीमा कंपनी को आदेशित किया कि परिवादी के बीमा क्लेम के संंबंध में की गई कटौती की धनराशि 44,383 रुपये क्लेम निरस्तीकरण की तिथि से वास्तविक अदायगी की दिनांक तक नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज और परिवादी को हुई आर्थिक, मानसिक, शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 25 हजार रुपये और परिवाद व्यय 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें। इसके अलावा बीमा कंपनी द्वारा की गई सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 25 हजार रुपये अर्थदंड अधिरोपित किया।
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आयोग ने कहा कि अर्थदंड की धनराशि परिवादी को न देकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी। विपक्षी इस आदेश का अनुपालन 45 दिन के अंदर सुनिश्चित करें अन्यथा उसके विरुद्ध धारा 71 एवं 72 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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