बारिश में बह गए जो किए थे दावे
शामली। दो दिन की बारिश ने स्थानीय निकायों के तमाम दावे ध्वस्त कर दिए। जगह-जगह अत्यधिक जलभराव से लोग पूरी तरह त्रस्त नजर आए। सड़कों के अलावा मकान, दुकान व सरकारी कार्यालयों में भी कई-कई फुट पानी भर गया। बृहस्पतिवार की शाम तीन घंटे से ज्यादा हुई बारिश ने सितंबर माह में पुराने सभी रिकार्ड तोड़ दिए। कुल 96 एमएम तक रिकार्ड की गई। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर पूरे दिन सूखा रहा, जबकि देहात क्षेत्र में कई जगह बारिश हुई।
बृहस्पतिवार शाम सात बजे से लेकर देर रात्रि दस बजे के बाद तक हुई झमाझम बारिश ने सितंबर माह तक रिकार्ड तोड़ दिया। इस मानसून सत्र में 24 सितंबर तक सामान्य से अधिक 1002 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। शुक्रवार को हल्की धूप निकली। दोपहर में मुंडेट खुर्द, मुंडेट कला, बधेव, भैंसवाल, गोहरनी गांव में थोड़ी देर के लिए बारिश हुई। शहर बूंदाबांदी से भी वंचित रहा। चार बजे के बाद तेज धूप निकली।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि अभी मानसून एक अक्तूबर तक जारी रहेगा। पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अबुंज चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम हुई बारिश देर रात्रि तक 96 एमएम बारिश हुई है। इस वर्ष 24 सितंबर तक 1002 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
उधर, कांधला शुक्रवार दोपहर कस्बे में करीब डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हो गई। जिससे क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव हो गया। इसके अलावा सरकारी कार्यालय भी जलमग्न हो गए। ब्लॉक परिसर के साथ ही यहां की आवासीय कॉलोनी में पानी भर गया। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी जलभराव से बुरी स्थिति हो गई।
छात्र-छात्राओं को गंदे पानी से गुजरना पड़ा
शामली। सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास बृहस्पतिवार रात हुई बारिश से अत्यधिक जलभराव हो गया। जिसके चलते स्कूली बच्चों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ी। बच्चों को गंदे पानी से ही गुजरना पड़ा। कुछ बच्चे दूसरों से लिफ्ट लेकर निकले। जबकि कुछ ने ई-रिक्शा पर लटक कर जलभराव को पार किया।
गन्ना-धान और सब्जी को भारी नुकसान
दो दिन की बारिश से धान कटाई, गन्ना और सब्जी की फसल के लिए नुकसान दायक है। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने बताया कि जिले में धान कटाई शुरु होचुकी है। धान कटाई के लिए ज्यादा बारिश नुकसानदायक है। शरद कालीन गन्ने की बुआई के लिए सितंबर माह मुफीद माना गया है। सितंबर माह में रुक-रुक बारिश से शरद कालीन बुआई दस से पंद्रह दिन तक प्रभावित हो सकती है। बृहस्पतिवार को बारिश के साथ हवा चलने से गन्ना गिरा है, जिससे दस से लेकर पंद्रह प्रतिशत गन्ने का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। बारिश गोभी, टमाटर, लौकी, बैगन, खीरा को काफी नुकसान है।
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सड़कों के गड्ढों में भरा बारिश का भरा पानी, लोग हलकान
शामली। बरसात के मौसम में शहर और देहात क्षेत्र की सड़कों का बुरा हाल है। सड़कों में जगह-जगह गड्ढे हैं। कई सड़कों पर तो बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिसके चलते कभी भी कोई दुर्घटना होने की आशंका रहती है। शासन के आदेश के बाद भी सड़कों के गड्ढे भरवाए नहीं जा रहे हैं।
ऐरटी निवासी अमित कुमार का कहना है कि जिले भर की सड़कों की हालत खराब है। बारिश में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। जिससे गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हादसे बढ़ते हैं। कैराना रोड के दुकानदार सुरेश बजाज का कहना है कि गड्ढों के चलते जहां वाहन चालकों को दिक्कत होती है, वहीं पैदल चलने वालों को भी मुश्किल होती है। तेज रफ्तार वाहनों से कीचड़ उछलने से कपड़े खराब हो जाते हैं। झिंझाना रोड निवासी प्रमोद कुमार का कहना है कि शासन ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान चलाया हुआ है। लेकिन अभी जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली है। जिससे लोग परेशान हैं। विजय चौक के दुकानदार सीटू मित्तल का कहना है कि जिले की लगभग सभी सड़कों का हाल काफी बुरा है। दिन में तो वाहन चालक गड्ढों से बच भी जाते हैं। लेकिन रात में खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी होती है।
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यमुना में छोड़ा गया 38 हजार क्यूसेक पानी, जलस्तर बढ़ा
कैराना। दो दिन से मैदानी व पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के चलते शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 38 हजार 105 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा गया। जिसके चलते यमुना का जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ कर 229.7 मीटर पहुंच गया। पिछले कई दिनों से यमुना का जलस्तर 229.3 मीटर पर स्थिर था। साथ ही हथिनीकुंड बैराज से भी यमुना नदी में न्यूनतम 352 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा था। वहीं पिछले दो दिन से मैदानी व पहाड़ी इलाको में हो रही बारिश के चलते शुक्रवार सुबह 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 38 हजार 105 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा गया। यमुना का चेतावनी बिंदु 231 मीटर तथा खतरे का निशान 231.5 मीटर पर है।
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बारिश के चलते मकान गिरा
थानाभवन। क्षेत्र के गांव गोसगढ़ में बारिश के चलते एक मकान की छत गिरी और दीवारें भी ढह गईं। शुक्रवार सुबह सुशील अपने परिवार के साथ घर में बैठा था कि अचानक छत में चरमराने की आवाज सुन परिवार घर से बाहर भाग निकला। इसी दौरान अचानक मकान की छत भरभरा कर गिर गई। जिसके साथ मकान की कुछ दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुशील ने बताया कि घर में रखा सामान फर्नीचर कपड़े आदि सभी सामान मलबे के नीचे दब कर बर्बाद हो गया। उधर, ग्राम प्रधान संगीता रोड ने बताया कि मामले की कई बार उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। तथा योजना अंतर्गत मकान बनाने के लिए लाभार्थी फॉर्म भी भरा गया। परंतु संबंधित अधिकारियों द्वारा पीड़ित को मकान मुहैया नहीं कराया गया। जिसके चलते उसका मकान गिर गया।
कैराना में बढा यमुना का जलस्तर- फोटो : SHAMLI
शामली कैराना रोड सेंट फ्रांसिस स्कूल के रास्ते पर पानी भरने पर ई-रिक्शा में लटक कर जाते बच्चे- फोटो : SHAMLI
शामली कैराना रोड सेंन्टफ्रांसिस स्कूल की सडक पर भरा पानी- फोटो : SHAMLI
शामली युमना नहर मार्ग की टूटी सडक- फोटो : SHAMLI
शामली युमना नहर मार्ग की टूटी सडक- फोटो : SHAMLI
शामली कैराना रोड की टूटी सडक- फोटो : SHAMLI