संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। नगर पंचायत सीमा का विस्तार न होने से काशाीराम काॅलोनी व बाबूपुरा मोहल्ले के नागरिक मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। नागरिक लगातार उस क्षेत्र को नगर पंचायत जलालाबाद में जोड़ने की मांग करते रहे। काशीराम आवास में रहने वाले लोग पिछले 15 साल से वोट के अधिकार से वंचित हैं। नागरिकों के तमाम प्रयास व आंदोलन के बाद भी वोट का अधिकार आज तक नहीं मिला है। नागरिक बिजली, पानी और विकास को तरस रहे हैं।
ये बोले नागरिक
कस्बे की 33 प्रतिशत आबादी नगर में रहने के बावजूद कस्बे की सीमा से बाहर है। नगर से मिलने वाली सुविधाओं के अभाव में लोग अपने को ठगा महसूस करते है।-सभासद राकेश शर्मा
-नगर में निवास करने के बावजूद लोगों को जलालाबाद देहात में अपनी पहचान बतानी पड़ रही है। नगरीय लोगों को बिजली पानी व अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। सीमा विस्तार अविलंब होना चाहिए। इसके लिए जन प्रतिनिधियों को गंभीरता से प्रयास करना चाहिये।- हरिओम उपाध्याय
-सीमा वृद्धि से कस्बे के मतदाता में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। देहात क्षेत्र के जलालाबाद में जुड़ने से वहां के लोगों को सभी सुविधा मिल सकेगी। प्रशान को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- माजिद मलिक
कोट
नगर पंचायत अध्यक्ष जहीर मलिक का कहना है कि उनके द्वारा शासन स्तर पर लगातार प्रयास हो रहा है। नगर पंचायत की सीमा विस्तार का प्रस्ताव नगर विकास विभाग में भेजा गया है। सीमा विस्तार होने पर नागरिकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी।
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