कैराना। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमारे जांबाज जवान दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। सीमा पर तैनात ऊंचा गांव के जवान देश की सरहद की रक्षा कर रहे हैं और दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए बेताब हैं। उनके परिजनों को बेटों पर गर्व है। उनका कहना है कि उनके बेटे दुश्मनों को सबक सिखाकर ही लौटेंगे। उम्मीद है कि इस बार भारतीय सेना आतंक का खात्मा कर देगी।
ऊंचा गांव निवासी इकबाल ने बताया कि उसका बड़ा बेटा आबिद अली बीएसएफ में गुजरात में पाकिस्तान बॉर्डर की गांधीनगर सेक्टर पोस्ट पर तैनात है। उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश के की सरहद की रक्षा कर रहा है। आबिद अली ने फोन पर परिजनों को कुछ भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया। बस इतना कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान और आतंकवादियों पर कड़ा प्रहार कर रही है।
ऊंचा गांव निवासी अनिल चौहान का बड़े बेटे गौरव कुमार असम राइफल्स में है। अनिल चौहान ने बताया कि कल शाम उनकी बेटे से बात हुई थी। वह जम्मू कश्मीर में फ्रंट सीमा पर तैनात है और दुश्मनों के छक्के छुड़ाने को बेताब है। छोटा बेटा सौरभ पढ़ाई कर रहा है। वह अपने छोटे बेटे को भी आर्मी में भेजेंगे। उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
ऊंचा गांव निवासी अंकित कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई अमित कुमार आर्मी में है। उसकी तैनाती चीन के बॉर्डर लेह लद्दाख में है। उसका भाई सीमा पर देश की रक्षा में तैनात है अगर जरूरत पड़ी तो वह भी बॉर्डर पर जाने के लिए तैयार हैं।
वहीं, आर्मी के रिटायर सूबेदार सुखबीर सिंह ने कहा कि वह आज भी सीमा पर जाकर दुश्मन को नेस्तानाबूत करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि 1971 में जब बांग्लादेश बना था तब उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर बॉर्डर पर थी। 1987 में श्रीलंका में शांति सेना में भी गए थे। आज भी अगर देश को उनकी जरूरत पड़ी तो वह सीमा पर जाकर युद्ध लड़ने के लिए तैयार है। गांव के कई फौजी जो सीमा पर पाकिस्तान के साथ युद्ध कर रहे हैं उनके परिजनों को भारतीय सेना और अपने बेटों पर गर्व है।
कैराना में-आज भी हम सीमा पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं-बीएसएफ के जवान आबिद
कैराना में-आज भी हम सीमा पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं-बीएसएफ के जवान आबिद
कैराना में-आज भी हम सीमा पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं-बीएसएफ के जवान आबिद