शामली : चौसाना क्षेत्र के गांव भडी में दोनों भाइयों के शव घर पहुंचने बाद लगी भीड़।
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चौसाना (शामली)। यमुना नदी पार करते समय डूबे दो सगे भाइयों के शव सोमवार सुबह मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के लिखित अनुरोध पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बिना ही शव उन्हें सौंप दिए।
चौसाना क्षेत्र के गांव भड़ी कोरियान के तीन बालक रविवार दोपहर यमुना नदी को पार कर हरियाणा की सीमा में गेहूं की बाल एकत्र करने के लिए गए थे। वापस लौटते समय शाहवेज (14) और शोएब (12) पुत्र सलीम गहरे पानी में डूब गए। साथ में चल रहे एक अन्य साथी मूसा ने गांव में जाकर इसकी जानकारी दी, तो ग्रामीण एकत्र हो गए। शाम तक दोनों भाइयों को काफी तलाश किया गया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। सोमवार सुबह फिर ग्रामीणों ने किशोरों की तलाश शुरू की। दोनों के शव कुछ दूरी पर नदी के किनारे पर मिले। शव मिलते ही परिजन फफक कर रोने लगे।
पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एसडीएम विशु राजा भी पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे और सरकार की ओर से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। बाद में गमगीन माहौल में दोनों भाईयों के शव सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
अवैध रेत खनन के कारण बने कुंड बन रहे मौत का कारण
चौसाना क्षेत्र के गांव भड़ी में यमुना नदी में प्रशासन की ओर से आवंटित पट्टों पर खनन होता है। खनन की अनुमति तसले और फावड़े से दी जाती है, मगर खनन माफिया अपनी मनमानी कर खनन अनाधिकृत तरीके जेसीबी से करते हैं, जिससे यमुना नदी में बड़े-बड़े कुंड बन जाते हैं। जिसमें फंस कर काफी लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों से भी इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, मगर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो पाती।