कांधला। कस्बे के बैंकों में तीसरे दिन भी उपभोक्ताओं की भीड़ बैंक के परिसर से सड़क तक नजर आई । पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम कर भीड़ पर काबू कर व्यवस्था बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसके बाद भी कई स्थानों पर उपभोक्ताओं में धक्का मुक्की व बैंककर्मियों के साथ बहस होती नजर आई ।
तीन दिन से बैंकों में उपभोक्ता दिन निकलते ही लंबी लंबी कतारें लगाकर खड़े नजर आते हैं। कस्बे के साथ ही आसपास के देहात के बैंकों में भी यही आलम है लोगों में रुपया जमा करने के बजाए रुपया बदलने के लिए मारामारी ज्यादा दिखाई पड़ रही ।
मुकेश, दिनेश, रवि, उपेंद्र, अमित, सोनू आदि का कहना है कि रुपयों के खुले न होने के कारण रोजमर्रा के कार्य में अनेकों परेशानी का सामना करना पड़ रहा । बैंकों की हालत यह है कि एक व्यक्ति को दो हजार या किसी बैंक में पांच तक दिया जा रहा है, लेकिन वो भी 11 बजे के बाद बैककर्मी रुपयों के न होने की बात कहकर देने से मना कर देते हैं।
जिससे बैंकों में उपभोक्ताओं के साथ बैंककर्मियों की बहस हो पड़ती है जिसे पुलिस हस्तक्षेप के बाद काबू में किया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एटीएम को चालू करने के लिए सरकार के द्वारा आदेश किए गए थे, जिससे किसी हद तक उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने के आसार थे, लेकिन कस्बे व देहात में एक भी एटीएम को चालू नहीं किया गया जिसके कारण ओर अधिक लोगों के सामने परेशानी आ रही है। देर शाम तक बैंकों के बाहर लोगों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। पुलिस के प्रत्येक बैंक पर पूरे दिन व्यवस्था बनाने में पसीने छूटे रहे ।
उधर, कैराना में तीसरे दिन भी बैंकों के बाहर 500 और 1000 के पुराने नोट जमा कराने वालों की लंबी कतारें नजर आईं। बैंकों के खुलने से तीन घंटे पहले ही लोग कतारों में लगनेे शुरू हो गए। कुछ जगहों पर ग्राहकों के बीच झड़प भी होती रही। पुलिस ने उसे शांत कराया। शहर के आईसीआईसीआई, एसबीआई, पीएनबी, केनरा सहित अन्य बैंकों में लोगों की लंबी लाइन लगी रही। भारी भीड़ के दबाव के चलते एसबीआई कर्मचारियों ने शाम चार बजे ही बैंक बंद कर दिया।