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नोट के लिए तरसे शहरवासी

Sun, 13 Nov 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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problem - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नई और पुरानी करेंसी कम आने से बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। बैंक के अफसर कर्मचारी तीसरे दिन  उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। जिले के बैंकों में लोगों की मारामारी मची रही। बैंकों में भारी भीड़ होने से पुलिस को व्यवस्था बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
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आरबीआई द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये के प्रचलन पर पाबंदी के बाद आज तीसरे दिन नई करेंसी अपेक्षा से कम आने पर जिले के सभी बैंकों और डाकघरों में मारामारी मची रही। लिलौन गांव के बैंक की शाखा में लाइन में लगी एक महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। बनत के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में आपाधापी मची रही।

महिलाओं के साथ अभद्रता की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवकों को भगाया। हनुमान रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के कैश काउंटर पर लोगों की भीड़ लग जाने से मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। 
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शहर के हनुमान रोड स्थ्ति स्टेट बैंक शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ओपी माटा ने बताया कि कि दस से पंद्रह करोड़ रुपये के नोट बैंक शाखा में प्रतिदिन आ रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में 20 करोड़ का प्रतिदिन कारोबार है। 

जिसमें शुक्रवार को  83 लाख रुपये और शनिवार को रात्रि आठ बजे तक 62 लाख रुपये के के नोट बदले गए हैं।  केनरा बैंक शाखा में तैनात एवं यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के सचिव इंद्रपाल राठी ने बताया कि बैंक पर प्रतिदिन बीस-पच्चीस लाख का कारोबार होता था, अब उनके बैंक में दो करोड़ रुपये प्रतिदिन पहुंच रहा है। पंजाब नेशनल बैंक के जिला अग्रणीय प्रबंधक हरपाल सिंह ने बताया कि आरबीआई से नई करेंसी एवं छोटे नोट अपेक्षा से कम आ रही है। जिससे वितरण में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय पर मात्र पचास करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हो पाई है।    

वहीं, झिंझाना में बैंकों बाहर तीसरे दिन भी उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी रही। दोपहर तक अपना नंबर नहीं आने पर उन्होंने लाइन में लगे रहते हुए खाना भी वहीं बैठकर खाया। बैंक प्रबंधकों का कहना है कि रात 12 बजे तक पूरे दिन के काम का मिलान कंप्यूटर से किया गया। 
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