बिड़ौली के पास बार्डर पर रोके गए धान के वाहन।संवाद
बिडौली। हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर शुक्रवार को भी किसानों की परेशानी कम नहीं हुई। धान से भरे वाहनों को बॉर्डर पर रोक दिया गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हरियाणा की मंडियों में फसल बेचने जा रहे किसान अब गंगोह मंडी का रुख कर रहे हैं।
हरियाणा-यूपी बॉर्डर के बिडौली क्षेत्र में स्थित मंगलौर चौकी पुलिस पिछले कई दिनों से धान से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों को रोक रही है। इससे किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी गहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। धान बिक्री रुकी रहने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
जो किसान हरियाणा के अढ़तियों से एडवांस लेकर फसल की बुआई करते हैं, वे अब दोहरी मुसीबत में हैं। न तो वे फसल हरियाणा मंडियों में बेच पा रहे हैं और न ही एडवांस की रकम लौटा पा रहे हैं। इससे आढ़ती अब किसानों से ब्याज के साथ फसल न पहुंचाने की आढ़त राशि की मांग करने लगे हैं।
किसानों ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में फसल न बिकने के कारण उनकी आमदनी पूरी तरह रुक गई है। अब कई किसान अपनी उपज लेकर सहारनपुर जिले की गंगोह मंडी पहुंच रहे हैं, ताकि किसी तरह धान की बिक्री हो सके।
किसान मा. सोहनवीर, ब्रह्मपाल सिंह और ऋतिक कुमार ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए। उनका कहना है कि यह मसला केवल व्यापार का नहीं, बल्कि किसानों की रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ है।