चौसाना में श्रीराम वनवास लीला का मंचन करते कलाकार। आयोजक
- फोटो : सांकेतिक
शामली। जनपद की रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम के वनवास, राजा दशरथ के पुत्र-वियोग और भरत मिलाप के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के मार्मिक दृश्यों को जीवंत कर दिया। श्रीराम के त्याग और राजा दशरथ की मृत्यु की लीला देखकर दर्शक भावुक हो गए।
शहर के हनुमान धाम पर रामवनवास का मंचन हुआ राम के वनवास पर जाने पर पंडाल में लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। चौसाना में श्रीराम के वनवास की लीला का मंचन किया गया। रामलीला में श्रीराम की भूमिका संजीव शर्मा, लक्ष्मण की सतवीर कश्यप, सीता की दुष्यंत कश्यप, राजा दशरथ की बृजमोहन शर्मा, मंथरा की बलविंदर कुमार, कैकेयी की जगपाल सैनी और कौशल्या की भूमिका लोकेश कश्यप ने निभाई।
कैराना के गोशाला भवन में राम वनवास और भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। वन जाते समय भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता केवट की नाव से नदी पार कर चित्रकूट पहुंचते हैं। उधर, श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। भरत और शत्रुघ्न को इसकी जानकारी मिलती है तो वे व्याकुल हो जाते हैं। श्रीराम की भूमिका सतीश प्रजापति, लक्ष्मण की राकेश प्रजापति, सीता की शिवम गोयल, दशरथ की अनमोल शर्मा और कैकेयी की भूमिका सागर मित्तल ने निभाई।
बाबरी में आयोजित रामलीला में कैकेयी के दो वरदानों, भरत को राजगद्दी और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने के प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच कैकेयी की मांग से अयोध्या का माहौल बदल जाता है।
चौसाना में श्रीराम वनवास लीला का मंचन करते कलाकार। आयोजक- फोटो : सांकेतिक