शामली। शहर में दिल्ली रोड तैमूरशाह स्थित निजी अस्पताल में निरीक्षण करने गई स्वास्थ्य टीम पर हमला कर दिया। टीम ने भागकर जान बचाई। टीम के सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार के साथ धक्कामुक्की की। उन्हें गाड़ी से खींचते हुए पिटाई करने की कोशिश की। चिकित्सक की तरफ से शहर कोतवाली में तहरीर दी गई है। चिकित्सक ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार रविवार दोपहर करीब 11 बजे फार्मासिस्ट उत्तम कुमार व वेदपाल के साथ शहर में मोहल्ला तैमूरशाह स्थित निजी अस्पताल में जांच करने पहुंचे। बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिला। अस्पताल में 40 बेड थे, जिन पर मरीज भर्ती थे। उन्होंने अस्पताल संचालक से चिकित्सक न होने का कारण पूछा और रजिस्ट्रेशन संबंधी कागज दिखाने को कहा तो वे कोई भी कागज नहीं दिखा सके। उन्होंने ओटी को सील करने की कार्रवाई शुरू की। आरोप है कि उसी समय आठ-दस लोगों ने कार्रवाई का विरोध कर टीम को घेरते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने ओटी को सील कर दिया।
डॉ. दीपक के मुताबिक ओटी सील होने पर उन पर हमले कर दिया। वे वहां से भागे और अपनी गाड़ी में बैठकर जाने लगे तो उन्हें गाड़ी से खींचने लगे। इस दौरान उनके कपड़े भी फट गए। उनके साथ मौजूद गार्ड ने उन्हें किसी तरह बचाते हुए गाड़ी में बैठाया। उन्होंने वहां से भागकर जान बचाई।
डॉ. दीपक ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमलावरों से जान का खतरा बताते हुए तहरीर दी। जांच अधिकारी कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र गौतम ने बताया कि सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार की तरफ से तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
सीओ सिटी जितेंद्र कुमार यादव का कहना है कि यह मामला जानकारी में आया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ. तृप्ति कुमार सक्सेना ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं आया है। इस मामले की जानकारी की जाएगी। नोडल अधिकारी के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
समझौते का दबाव बनाने व हत्या की धमकी देने का आरोप
सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि जब वे सीएचसी पहुंचे तो निजी अस्पताल संचालक पक्ष के लोगों ने आकर उन पर समझौते का दबाव बनाया। उसने किसी तरह का दबाव बनाने से इन्कार किया तो उन्होंने रात आठ बजे तक देख लेने व हत्या करने की धमकी दी।
निजी अस्पताल में ये मिलीं कमियां
डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि निजी अस्पताल में 40 बेड मिले लेकिन कितने बेड रजिस्टर्ड है, इससे संबंधित दस्तावेज नहीं मिला। अस्पताल के बोर्ड पर जिन चिकित्सकों के नाम मिले, उनमें कोई मौके पर नहीं मिला, उनके स्थान पर आयुष के चिकित्सक ओपीडी करते हुए मिले। ऑपरेशन थिएटर में मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार उपयुक्त उपकरण व चिकित्सक नहीं मिले। अस्पताल में उपकरण इस्ट्रालाइज्ड नहीं मिले। नर्सिंग स्टाफ की जगह 12वीं कक्षा का छात्र कार्य करता हुआ मिला। घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर ओपीडी के पास रखा हुआ मिला, जिससे मरीजों की जान-माल का खतरा हो सकता है। कोई सिक्योरिटी गार्ड मौके पर नहीं मिला।
शामली में स्वास्थ्य टीम से लोगों की होती नोकझोंक। स्रोत वीडियोग्रेब
शामली में स्वास्थ्य टीम से लोगों की होती नोकझोंक। स्रोत वीडियोग्रेब