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मजबूरी में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को घर-घर तलाशेंगे शिक्षक

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मजबूरी में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को घर-घर तलाशेंगे शिक्षक
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शामली। विद्यालयों में किसी न किसी मजबूरी में बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले या अन्य किसी कारण से विद्यालय न जाने वाले छह से 14 साल तक के बच्चों को घर-घर तलाश कर शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ा जाएगा। शासन के निर्देश पर शारदा कार्यक्रम के तहत शुक्रवार से पहला चरण शुरू किया जाएगा। इसके तहत बच्चों को चिह्नित कर विद्यालयों में नामांकित किया जाएगा।
निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार-2009 के अंतर्गत छह से 14 साल तक आयु वर्ग के सभी बालक-बालिकाओं को निशुल्क प्रारंभिक शिक्षा दिए जाने का प्रावधान है। इसके बाद भी कुछ बालक-बालिकाएं ऐसे हैं, जो किसी न किसी कारण मजबूरी में विद्यालय नहीं जा पाते या फिर किसी वजह से बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। इनमें कुछ ने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए विद्यालय नहीं जा पाते। ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शुक्रवार से शारदा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसका पहला चरण 15 अक्तूबर तक चलेगा, जिसमें आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिह्नीकरण कर आयु संगत कक्षा में नामांकन कराया जाएगा।
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कोट
शारदा कार्यक्रम के तहत पहला चरण शुक्रवार से शुरू होगा। इस कार्यक्रम के तहत विद्यालय में अभीतक नामांकित न होने वाले या बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छह से 14 साल तक के बालक-बालिकाओं को चिह्नित कर आयु संगत कक्षा में नामांकित कराया जाएगा।
अमित कुमार जिला समन्वयक सामुदायिक एवं सहभागिता शिक्षा।
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