कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी करेंगे राजकीय विद्यालयों के शिक्षक
शामली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में नकल की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम से ही राजकीय विद्यालयों में निगरानी की जाएगी। डीआईओएस कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए राजकीय विद्यालयों के चार के वरिष्ठ शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। एक कंप्यूटर पर अधिकतम 15 से 18 परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा को नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम से जनपद के सभी 34 परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को राउटर के माध्यम से कनेक्ट किया गया है। डीआईओएस ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्र लखनऊ मुख्यालय से कनेक्ट हो गए हैं। अब राउटर के माध्यम से कंट्रोल रूम से ही सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा सकेगी। डीआईओएस ने बताया कि शासन ने कंट्रोल रूम में राजकीय विद्यालयों के दो महिला शिक्षक और दो पुरुष शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए है। एक कंप्यूटर पर अधिकतम 15 से 18 परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। जनपद में बनाए गए कंट्रोल रूम में राजकीय विद्यालयों के चार शिक्षकों को ड्यूटी के लिए नामित कर दिया गया है। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा अवधि में प्रतिदिन सुबह सात बजे से द्वितीय पाली की परीक्षा समाप्त तक कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे और वहां से परीक्षा केंद्रों की निगरानी एवं निरीक्षण करते रहेंगे। निरीक्षण के दौरान अगर किसी परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की अनुचित स्थिति दिखाई देती है या सीसीटीवी सही ढंग से कार्य नहीं करना पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल उन्हें दी जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक दिन की कार्रवाई निरीक्षण पंजिका में अंकित की जाएगी।
कंट्रोल रूम में इन शिक्षकों की लगी ड्यूटी
डीआईओएस ने बताया कि कंट्रोल रूम में राजकीय इंटर कालेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को ड्यूटी पर लगवाया गया है जो कंट्रोल रूम में रहकर परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखेंगे और कहीं भी कोई गलत नजर आता है तो तुरंत उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को देंगे।