फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार दिन में राशन की जांच नहीं कर पाया पूर्ति विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
चार दिन में राशन की जांच नहीं कर पाया पूर्ति विभाग
विज्ञापन

शामली। राशन की कालाबाजारी को लेकर पूर्ति विभाग की कार्रवाई कितनी लचर है यह 25 जुलाई को पकड़े गए राशन के मामले से पता लगता है। विभागीय अधिकारी कांधला क्षेत्र में गंगेरू रोड पर पकड़े गए करीब 20 क्विंटल चावल की जांच नहीं कर पाए। यह भी नहीं बता पा रहे कि राशन ले जाने वाले कौन थे और कहां ले जाया जा रहा था। राशन को एक डीलर के सुपुर्द किया गया है।
बीते शनिवार को पुलिस ने गंगेरू रोड से करीब 20 क्विंटल चावल से लदी पिकअप को पकड़कर सूचना पूर्ति विभाग को दी थी। थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह का कहना था कि पुलिस ने सूचना के बाद चावल लदी गाड़ी पकड़ी थी। उसे खाद्य विभाग को सौंप दिया गया था। विभागीय अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, खाद्य निरीक्षक मदन कुमार ने पकड़े गए चावल को एक राशन डीलर की सुपुर्दगी में दे दिया है। इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि जिस गाड़ी में चावल लदा था उसे छोड़ दिया गया है। पहले दिन खाद्य निरीक्षक का कहना था कि पकड़ा गया चावल कोटे का नहीं है। खाद्यान्न राशन डीलर की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। चावल कहां से और क्यों ले जाया जा रहा था उसकी भी उन्होंने जानकारी होने से इंकार किया था। चार दिन बाद भी उनसे जब पूछा गया तो उन्होंने यही जवाब दिया। पूर्ति निरीक्षक का कहना है कि पकड़े गए खाद्यान्न की जांच चल रही है। जांच पूरी होनेे के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन सवालों का नहीं जवाब
चावल ले जाने वाले लोग कौन थे और कहां से यह राशन लाया जा रहा था इस संबंध में भी पूर्ति निरीक्षक कुछ नहीं बता रहे हैं। यदि यह चावल सरकारी वितरण का नहीं था तो कैसा था। इस समय धान की फसल की कटाई भी नहीं हो रही। ऐसे में किसी किसान के चावल बिक्री के लिए ले जाने का भी सवाल नहीं है।
इन्होंने कहा...
यह तो स्पष्ट है कि पकड़ा गया चावल सरकारी वितरण का नहीं है। मामले में पूर्ति निरीक्षक जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- ओमहरि उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें