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-शामली मिल में गन्ने का जाम लगा, शहर के हर सडक पर गन्ने लदे वाहन - कोरोना लाकडाउन के दौरान गन्ने के वाहनो ने रोकी शहर में गुज

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गन्ना लदे वाहनों से शहर में लगा जाम
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शामली। कोरोना कर्फ्यू के दौरान पिछले 36 घंटों से शहर में गन्ना लदे वाहनों के आने का सिलसिला कम नहीं होरहा है। शहर के मुख्यमार्गों से लेकर शामली मिल में आने वाले मार्गों पर गन्ने के वाहनों की लंबी लाइनें टूटने का नाम नही ले रही है। हर मार्ग पर गन्ने लदे वाहनों ने शहर में गुजरने वाले वाहनों को रोक दिया है। गन्ना लदे वाहनों के कारण शहर में जाम के हालात हैं।
मंगलवार को भी शहर में शामली चीनी मिल में गन्ने की आवक बढ़ गई है। पिछले 36 घंटे से शहर के मिल रोड, अग्रसेन पार्क, शिवचौक, कोतवाली रोड ,अस्पताल एवं बुढ़ाना रोड, हनुमान रोड, वीवी इंटर कॉलेज रोड से फव्वारा चौक, शिवचौक से धीमानपुरा, मेरठ- करनाल मार्ग, तक गन्ने के ट्रैक्टर ट्राली की लंबी लाइनें लगी रही। हालांकि शहर में कर्फ्यू के चलते छोटे वाहनों की आवाजाही कम है। फिर भी में शहर में जाम के हालात बने गए हैं। शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रंबधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि किसानों ने स्वैच्छिक गन्ना पर्ची के गन्ना लेकर आ रहे हैं। क्षमता के अनुुरूप चीनी मिल पेराई कर रही है। चीनी मिल में गन्ना लाने के लिए आपाधापी मची है। किसान चाहता है कि उनका गन्ना जल्दी खत्म हो जाए, इसलिए चीनी मिल में गन्ना लाने की किसानो की आपाधापी मची है।
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ऊन चीनी मिल बंद हुई
शामली। जिले की दूसरी चीनी मिल ऊन एक करोड़ पांच लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके बीती रात बंद हो गई है। एक दिन पूर्व बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल दो मई तक एक करोड़ 34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करे बद हो चुकी है। बीती रात ऊन चीनी मिल एक करोड़ 5 लाख क्विंटल गन्ने का सत्र समाप्त करके बंद हो चुकी है। चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल कुमार अहलावत ने बताया कि सिर्फ ऊन चीनी मिल ऐसी है, जिसने पिछले गन्ना सत्र के बराबर गन्ने की पेराई की है।
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