शामली। जिले की चीनी मिलों में पेराई सत्र को 105 दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसानों का गन्ना भुगतान अभी भी 215 करोड़ 97 लाख रुपये बकाया है। मिलों ने किसानों को केवल 338 करोड़ 54 लाख रुपये का भुगतान किया है। शेष राशि का भुगतान न होने से किसानों में नाराजगी है, जबकि मिलों का पेराई सत्र अभी भी जारी है।
जिले की तीन चीनी मिलों थानाभवन, शामली और ऊन ने नवंबर माह में अपना पेराई सत्र शुरू किया था। अब तक कुल 160.39 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की जा चुकी है। इसमें थानाभवन मिल ने 57.32 लाख क्विंटल, ऊन मिल ने 50.98 लाख क्विंटल और शामली मिल ने 52.09 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। हालांकि, भुगतान के मामले में मिलें पिछड़ रही हैं।
nथानाभवन मिल पर सबसे बड़ा बकाया : किसानों के बकाया भुगतान में थानाभवन चीनी मिल सबसे आगे है, जिस पर 151 करोड़ 64 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। इसके अलावा, शामली चीनी मिल पर 33.41 करोड़ रुपये और ऊन चीनी मिल पर 30.92 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल बकाया राशि 215 करोड़ 97 लाख रुपये है।
बकाया भुगतान में देरी के कारण किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बझेड़ी के किसान देवराज चौधरी ने बताया कि उनका लगभग दो लाख रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। पिंडोरा के किसान अजय चौधरी और योगेंद्र सिंह ने भी सवा लाख रुपये के बकाया भुगतान की बात कही।
ऊन चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप पिलानिया ने बताया कि मिल की ओर से 6 जनवरी तक का भुगतान कर दिया गया है और शुक्रवार को चार दिन का भुगतान खातों में भेज दिया गया है। दूसरी ओर, थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक लेखपाल सिंह ने स्वीकार किया कि मिल पर इस सत्र का 151 करोड़ रुपये बकाया है।
गन्ना विभाग के डीसीओ रणजीत कुशवाहा ने बताया कि किसानों को बकाया भुगतान कराने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। तीनों चीनी मिलों को किसानों का बकाया भुगतान कराने के लिए कहा गया है।