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Shamli: मौलाना महमूद मदनी बोले-ईमान की राह पर चलेंगे तो कामयाबी खुद कदम चूमेगी

Wed, 31 Dec 2025 05:41 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

कांधला के गढ़ी दौलत गांव में आयोजित सालाना जलसे में मौलाना महमूद मदनी ने ईमानदारी, तालीम और समाज सुधार का संदेश दिया। उन्होंने फिजूल खर्ची रोकने, दहेज प्रथा खत्म करने और भाईचारा कायम रखने की अपील की।

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मदरसा जामिया बदरुल उलूम में सालाना जलसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शामली जनपद के कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत स्थित मदरसा जामिया बदरुल उलूम में बुधवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान एवं जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने शिरकत की और समाज सुधार को लेकर प्रभावशाली तकरीर की। इस अवसर पर मदरसे के कई छात्रों की दस्तारबंदी भी की गई।

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ईमान और तालीम को बताया कामयाबी की कुंजी
मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अगर इंसान ईमानदारी के साथ अपनी जिंदगी गुजारे तो कामयाबी खुद उसके कदम चूमती है। उन्होंने तालीम पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज की तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। अगर फिजूल खर्ची पर रोक लगाई जाए तो हर परिवार अपने बच्चों को तालीम के जेवर से नवाज सकता है।

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दहेज और फिजूल रस्मों के खिलाफ आवाज
मौलाना ने कहा कि आज गमी और खुशी के मौकों पर ऐसी रस्में निभाई जा रही हैं जो इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ हैं। दहेज प्रथा और गैरजरूरी खर्च समाज को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से दहेज-मुक्त समाज बनाने और सादगी अपनाने का आह्वान किया।

फसाद नहीं, माफी है असली कमाल
अपने संबोधन में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि फसाद करना कोई कमाल नहीं है, बल्कि माफ करना ही असली बहादुरी और कमाल है। उन्होंने आपसी झगड़े खत्म कर भाईचारे और अमन के साथ रहने की अपील की।
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मदरसा जामिया बदरुल उलूम में सालाना जलसा - फोटो : अमर उजाला
नशे और सामाजिक बुराइयों पर चिंता
जलसे में मौलाना मुफ्ती अफ्फान ने कहा कि आज का नौजवान नशे की लत में फंसता जा रहा है, जो समाज के लिए गंभीर खतरा है। मौलाना अब्दुल मालिक मुगेसी ने कहा कि दीन और दुनिया दोनों में आगे बढ़ने के लिए तालीम बेहद जरूरी है।

दस्तारबंदी और दुआ के साथ समापन
कार्यक्रम में कुल 21 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। जलसे का संचालन हजरत मौलाना मोहम्मद आकिल ने किया, जबकि निजामत मौलाना मुफ्ती तैय्यब ने निभाई। अंत में देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ कराई गई। इस मौके पर मौलाना मुफ्ती इमरान, मौलाना हारून, मौलाना सादिक, कारी दिलशाद, मास्टर शाह आलम, मौलाना तौकीर, मौलाना उमर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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