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मरीजों को अभी करना होगा जिला अस्पताल चालू होने का इंतजार

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सितंबर माह में ओपीडी शुरू करने की स्वास्थ्य विभाग ने की थी तैयारी
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चिकित्सकों की तैनाती और संसाधन उपलब्ध न होने से लटका मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जनपद मुख्यालय पर जिला अस्पताल में मरीजों को उपचार कराने के लिए अभी इंतजार करना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर से ओपीडी शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन शासन स्तर से चिकित्सकों की तैनाती और संसाधन उपलब्ध न होने के कारण इसका शुभारंभ लटक गया है।
गांव मुंडेट के निकट पूर्वी यमुना नहर के किनारे नया जिला अस्पताल बनाया जा रहा है। करीब 39 करोड़ की लागत से बनने वाले 100 बिस्तर के जिला अस्पताल का भवन 90 प्रतिशत बनकर तैयार हो गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार शासन से जिला अस्पताल के भवन के लिए 30 करोड़ रुपये की धनराशि जारी हो चुकी है। अब नौ करोड़ रुपये की धनराशि जारी होनी बाकी है। मार्च 2020 तक जिला अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य पूरा किया जाना है। अस्पताल के भवन निर्माण कार्य अधिकांश पूरा होने पर स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर में ओपीडी शुरू करने की तैयारी की थी। विभागीय अधिकारियों का मानना था कि ओपीडी शुरू होने से मरीजों से सस्ता और सुलभ इलाज मिलेगा। मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगी फीस नहीं देनी पड़ेगी। जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को चिकित्सक, स्टाफ और संसाधनों की डिमांड भेजी गई थी। मगर, अगस्त पूरा होने में मात्र एक सप्ताह का समय ही बचा है, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल के लिए न तो चिकित्सक की तैनाती हुई और न ही मशीनें आदि संसाधन उपलब्ध हो सके है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सक और संसाधन न मिलने के कारण सितंबर से ओपीडी शुरू नहीं हो सकेगी।
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मरीजों का उपचार कम रेफर अधिक
शामली। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। यहां पर सीएमओ के साथ स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती जिला बनने के बाद हो गई थी। सीएमओ कार्यालय का नया भवन भी बन चुका है, लेकिन जिला अस्पताल वाली सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर न तो फिजिशियन है, न जनरल सर्जन है। रेडियोलोजिस्ट, बाल रोग और चर्म रोग विशेषज्ञ की भी तैनाती नहीं है। न यहां पर ईसीजी की सुविधा है और न ही ब्लड बैंक है। कुल मिलाकर गंभीर रोगियों को यहां उपचार नहीं मिलता और अधिकतर मरीजों को मुजफ्फरनगर और मेरठ रेफर किया जाता है।
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जिला अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। सितंबर से ओपीडी शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन शासन स्तर से चिकित्सक और संसाधन उपलब्ध न होने के कारण ओपीडी शुरू नहीं हो सकेगी। चिकित्सकों और संसाधनों के लिए शासन को प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है।- डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
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