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सरकार शुरू कराएं, बच्चों को टीका लगवाने को हम तैयार

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शामली। बुजुर्गों, युवा और 12 साल तक के किशोरों को कोरोनारोधी वैक्सीन का टीकाकरण होने के बाद अब पांच साल से 11 साल के बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगाने की बारी है। बच्चों को वैक्सीन का टीका लगाने की मंजूरी मिल गई है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी तैयारी कर रहा है। साथ ही अभिभावक भी टीकाकरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों को टीकाकरण को लेकर अभिभावकों से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि वे बच्चों को टीका लगवाने के लिए तैयार है, सरकार इसकी शुरूआत करें। सरकार को अब टीकाकरण शुरू करने में देरी नहीं करनी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन का टीका ही सुरक्षित उपाय है।
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जिले में अभी तक 18 साल से अधिक आयु के युवा और बुजुर्गों को मिलाकर 9,69,089 लोगों को पहली डोज और 7,82,317 लोगों को दूसरी डोज का टीका लग चुका है। पहली डोज लक्ष्य से अधिक 103.30 प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। किशोरों की बात करें तो 15 से 17 साल के 99,530 किशोरों को पहली डोज और 92,222 को दूसरी डोज लगी है। 12 से 14 साल के 34,213 किशोरों को पहली डोज और 561 किशोरों को दूसरी डोज लगी है। अब पांच से 11 साल के बच्चों को वैक्सीन का टीका लगाने की बारी है। इसके लिए अभिभावकों को उत्साह नजर आ रहा है।
ये बोले अभिभावक
कोरोना से बचाव के लिए टीका ही सुरक्षा कवच है। उन्होंने भी वैक्सीन का टीका लगवाया है। अब बच्चों के टीकाकरण को मंजूरी मिली है। यह राहत की बात है कि बच्चे भी कोरोना से सुरक्षित हो जाएंगे। उनके तीन बेटियां है। जैसे ही सरकार टीकाकरण शुरू करेगी तो वे अपनी बेटियों को वैक्सीन का टीका लगवाएंगे। उनकी दूसरे लोगों से भी अपील है कि वे भी अपने बच्चों को टीका जरूर लगवाएं। - तरूण जैन, कांबोज कालोनी।
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अभिभावकों के लिए यह बड़ी राहत देने वाली है कि अब पांच से 11 साल के बच्चों को टीके की मंजूरी मिल चुकी है। उनकी बेटी 11 साल की है। उन्होंने खुद भी कोरोनारोधी वैक्सीन का टीका लगवाया है। टीका लगवाने से उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। अब बच्चों की चिंता थी कि उन्हें कब टीका लगेगा वे भी कोरोना से सुरक्षित हो सकेंगे। अब तो उन्हें इस बात का इंतजार है कि सरकार बच्चों को कब टीकाकरण शुरू करती है। सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे भी टीकाकरण शुरू होते ही बच्चों को टीका लगवाएं और बच्चों को कोरोना से सुरक्षित बनाएं। - राहुल मलिक, विवेक विहार।
कोरोना की दूसरी लहर ने जिले के साथ पूरे देश में बड़ा नुकसान पहुंचाया था। तीसरी लहर में कोरोना वायरस ज्यादा असर नहीं डाल सका। इसका कारण वैक्सीन का टीका माना गया है। तीसरी लहर में अधिकतर लोग टीका लगवा चुके थे। अब बच्चों की टीका लगाने की बारी आई है। उनके पांच साल का बेटा है। जैसे ही टीकाकरण शुरू होगा, वे अपने बेटे को वैक्सीन का टीका लगवाएंगे। कोरोना संक्रमण से बचने का एक मात्र उपाय सिर्फ टीका ही है। - रूपेश गर्ग, नया बाजार
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