संवाद न्यूज एजेंसी
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थानाभवन। श्री बालाजी धाम में शनिवार को आयोजित सत्संग में बाबा चतर सैन ने कहा कि सरलता ही जीवन का सौंदर्य है। जीतना सरल है, हारना सरल है, पाना सरल है, खोना सरल है, जीना सरल है व मरना भी सरल है। मगर जीवन में सरल होना ही सबसे अधिक कठिन है।
उन्होंने कहा कि हम जिंदगी में एक अच्छे विचारक बन जाते हैं, एक अच्छे व्यवसायी बन जाते हैं। कई पदक विजेता बन जाते हैं, एक अच्छे इंजीनियर, डाॅक्टर सब बन जाते हैं, बस केवल सरल ही नहीं बन पाते। सरलता की सुगंधी ही दूसरे लोगों को हमारी ओर आकर्षित करती है। सब बन गए और सरल न बन पाए, तो समझ लेना जीवन में एक बड़ी चूक रह गई। सरल होने का अर्थ किसी को जवाब न देना तो नहीं हां सोच समझ कर जवाब देना अवश्य है। सहजता ही सबसे बड़ी सभ्यता भी है। शिष्टता के अभाव में जीवन में विशिष्टता का भी कोई मोल नहीं। उन्होंने कहा बड़ी से बड़ी बिगड़ती स्थितियों को सरलता से कहे दो शब्द प्रेम के संभाल लेते है। हर सिथति में संयम रखो, सरलता और सयंम ही आपको क्लेशों से बचा सकता है। आंखों में शर्म रहे, वाणी नरम रहे, व्यवहार में सरलता हो तो समझ लेना परम सुख आपसे दूर नहीं। इस अवसर पर गौरव अग्रवाल, सौरभ नांरग, वंश शर्मा, अमित कुमार, दीपक अग्रवाल, अजय गर्ग, विकास सैनी आदि रहे।