कलक्ट्रेट सभागर में बैठक लेते डीएम और एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
शामली मे भूमि संबंधी विवादों को पूर्णत: समाप्त करने और गांवों को विवाद मुक्त बनाने के लिए श्रावस्ती मॉडल को लागू कर विशेष अभियान चलेगा। एक जनवरी से 31 मार्च तक अभियान में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गांवों में पहुंचेगी। आपसी समझौता और संवैधानिक आधार पर विवादों का निस्तारण किया जाएगा।
शनिवार की दोपहर इस सिलसिले में कलक्ट्रेट सभाकक्ष में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि श्रावस्ती जिले में भूमि विवाद निस्तारण के लिए यह प्रयोग किया गया, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसी के चलते शासन ने सभी जिलों में इस मॉडल पर विवादों का निस्तारण कराने के लिए जनवरी से मार्च तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। जिला स्तर पर अभियान की देखरेख डीएम और एसपी करेंगे, जबकि मंडल स्तर से मंडलायुक्त और डीआईजी करेंगे, जिसके बाद प्रतिमाह मुख्यमंत्री इसकी समीक्षा करेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान में प्रत्येक थाना स्तर से सप्ताह में एक गांव चिह्नित कर वहां के विवाद निपटाए जाएंगे। इस लिहाज से जिले भर में आठ थानों से जुड़े 32 गांवों को प्रतिमाह विवाद मुक्त बनाया जाएगा। जन सुनवाई पोर्टल पर हुई भूमि संबंधी विवादों की शिकायतों और अन्य शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण होगा। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम एक साथ गांव में पहुंचेगी, तो समस्या का स्थायी निराकरण करके लौटेगी। यदि उस दिन समयाभाव में निस्तारण नहीं होता है, तो अगले दिन फिर से टीम गांव में पहुंचकर निस्तारण कराएगी। उन्होंने बताया कि जो मामले न्यायालय में विचाराधीन है, उन्हें अभियान में शामिल नहीं किया जाएगा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा, अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, एसडीएम सुरजीत सिंह, दुष्यंत कुमार
मौर्य, विनोद कुमार सिंह, सीओ राजेश तिवारी, तहसीलदार राकेश त्यागी व अभयराज पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
टीम में होंगे चार लेखपाल और पुलिसकर्मी
विशेष अभियान में हर थाना स्तर से टीम का चयन होगा, जिसमें चार लेखपाल और कम से कम चार पुलिसकर्मी शामिल होंगे। एक लेखपाल क्षेत्रीय होगा, जबकि तीन अन्य क्षेत्र के होंगे। विवादों के निस्तारण के लिए चिह्नित गांव में पहुंचने से पहले टीम को संबंधित थाने की जीडी में रवानगी का तस्करा दर्ज कराना होगा। इसके बाद विवादों का निस्तारण कर लौटने पर अपनी रिपोर्ट दर्ज करानी होगी।
अधिकारियों की जवाबदेही भी तय
अभियान के दौरान डीएम और एसपी सप्ताह में एक गांव में जाकर अभियान का निरीक्षण करेंगे। अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक को दो गांवों में पहुंचना होगा, जबकि एसडीएम और सीओ को उनके क्षेत्र में उन सभी गांवों में पहुंचकर निरीक्षण करना होगा, जहां निर्धारित दिन विवादों का निस्तारण होगा।