रिकवरी में चीनी मिलें अव्वल, भुगतान में फिसड्ड़ी
शामली। जिले की चीनी मिलें रिकवरी में अव्वल और गन्ना बकाया भुगतान में फिसड्डी साबित हो रही हैं। जिले की चीनी मिलें 25418.34 लाख रुपये की लागत का 104.24 लाख क्विंटल खरीद कर पाई है , मगर 1300871 लाख रुपये का भुगतान कर पाई हैं। 12409.63 लाख रुपये का चीनी मिलों पर गन्ना भुगतान बकाया हैं।
वेस्ट यूपी और हरियाणा की चीनी रिकवरी में जिले की चीनी मिलों में शामली और मुजफ्फरनगर जिले की टिकौला व संभौली व हरियाणा के यमुनानगर की चीनी मिल अव्वल हैं। यमुनानगर व टिकौला मिलों की रिकवरी 11 प्रतिशत व शामली चीनी मिल की रिकवरी 10.75 प्रतिशत है। शामली चीनी मिलों का पेराई सत्र 24 अक्तूबर को शुरू हुआ, तो चीनी मिल की रिकवरी 10.80 प्रतिशत थी। यमुनानगर चीनी मिल का जब पेराई सत्र 21 नवंबर को चालू हुआ तो उसकी रिकवरी 11.40 प्रतिशत व संभौली मिलें 10.90 प्रतिशत व गोला मिल में 11.10 प्रतिशत रिकार्ड की गई। बाद में चीनी मिलों की रिकवरी में गिरावट दर्ज की गई। गन्ना विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो रिकवरी के मामले में थानाभवन मिल, बुढ़ाना, मंसूरपुुर, तितावी, मलकपुर, मोदीनगर, शेरमऊ चीनी मिल फिसड्डी है। मेरठ जिले की दौराला व मवाना, नंगला मल व संभोली चीनी मिलों की रिकवरी शुरूआती दौर के बाद बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार 26 दिसंबर तक दौराला मिल की रिकवरी 10.41 प्रतिशत, मवाना मिल की 10.51 प्रतिशत, नंगला मल मिल की 10.70 प्रतिशत व संभोली मिल की 10.60 प्रतिशत रिकवरी बढ़ी है। शामली चीनी मिल पर 6405.87 लाख रुपये किसानों का अवशेष है। शामली मिल मात्र 30करोड़ 38 लाख रुपये का भुगतान कर पाया है। थानाभवन मिल पर किसानों का 453603 रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। वह अभी तक 5752 लाख रुपये का भुगतान किया है। ऊन मिल पर किसानों का 1567.73 लाख रुपये बकाया भुगतान है। मिल ने किसानों का 421871 लाख रुपये का भुगतान किया है। जिला गन्नाअधिकारी डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि चीनी मिलों का बकाया गन्ना भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
चीनी मिलों का 26 दिसंबर तक रिकवरी का डाटा
चीनी मिलें - रिकवरी प्रतिशत- अगेेती प्रतिशत
1- शामली- 10.75- 93.42
2-तितावी- 9.60- 75.77
3- खतौली- 10.19 - 96
4- टिकौला- 11 - 100
5- थानाभवन- 9.30 45.49
6- मंसूरपुर- 9.30 72.63
7- रमाला- 8.45-
8- बुढ़ाना- 9- 63.44
9- यमुनानगर - 11-
10- ऊन - 9.57 - 80