झिंझाना थानाक्षेत्र में छह साल पहले कमालपुर चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर इंसास समेत दो रायफल लूटने के मामले में कोर्ट ने फैसला सुना दिया। दो मुल्जिमों को अपर जिला सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार पांडे ने बृहस्पतिवार को सात-सात साल के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
2 अक्टूबर 2018 को रात थाना झिंझाना क्षेत्र के कमालपुर चेकपोस्ट पर तैनात हेड कांस्टेबल संसार सिंह और होमगार्ड संजय वर्मा पर हमला कर एक इंसास और एक थ्री नॉट थ्री रायफल लूट ली गई थी। हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ था। इसका मुकदमा थाना झिंझाना पर दर्ज कराया गया था। 15 अक्तूबर 2018 को झिंझाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर रंगाना से ऊन जाने वाले रास्ते पर हथियार लूटने वाले आरोपियों की घेराबंदी कर ली थी। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गुरजेंट निवासी गांव धलावली थाना गंगोह जनपद सहारनपुर और अमरीत निवासी विकास नगर जनपद करनाल हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान दो अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए थे। इनके कब्जे से लूटी गई इंसास समेत दोनों रायफल, पिस्टल बरामद हुई थी। मुठभेड़ और हथियार बरामदगी का मुकदमा अपर जिला सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार पांडे की अदालत में चल रहा था। बृहस्पतिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार पांडे ने गुरजेंट और अमरीत को सात-सात साल के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दो अन्य आरोपियों की फाइल अलग से चल रही है।
खालिस्तानी समर्थकों के संपर्क में होने का हुआ था खुलासा
पुलिसकर्मियों से हथियार लूटने के मामले में उस समय पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का संपर्क खालिस्तान समर्थकों से होना बताया था। पुलिस का दावा था कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सभा में अफरा तफरी मचाने के लिए पुलिस से हथियार लूटे गए थे। इस गैंग का मास्टर माइंड जर्मन निवासी बिरसा का डेरा गांव अजीजपुर बताया गया था। लूटे गए हथियारों को ट्रक में छिपाकर पंजाब ले जाने की योजना का खुलासा किया था। हथियारों को करम सिंह निवासी गांव रंगाना फार्म के पास गुरुद्वारे के कमरे में छिपाकर रखा गया था। इस प्रकरण की जांच एनआईए द्वारा भी की गई थी।