चौसाना क्षेत्र के गांव खोड़समा निवासी लता चौधरी ने बताया कि वह भाकियू महिला विंग की ब्लॉक अध्यक्ष होने के साथ आजीविका व विद्युत सखी है। शुक्रवार सुबह वे समर्थकों के साथ बस द्वारा मुख्यमंत्री की जनसभा में शामिल होने गई थीं। बस में उन समेत नौ महिला व अन्य पुरुष समर्थक थे। लता का आरोप है कि सुबह जब बस पटनी परतापुर टोल प्लाजा से निकली, तब टोलकर्मियों ने टोल को लेकर उनसे बहस की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
दोपहर बाद जनसभा से लौटते समय टोल प्लाजा पर फिर बस को रोक लिया। चालक के साथ टोल को लेकर विवाद हो गया। उसने बस से नीचे उतरकर मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू किया तो महिला समेत चार टोलकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया। विरोध किया तो उसके साथ हाथापाई और अभद्रता की गई। आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा।
बस में सवार अन्य महिलाओं ने उसे छुड़ाया तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। इस दौरान टोल प्लाजा पर हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। महिला ने आरोपी टोलकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जांच अधिकारी ओमवीर सिरोही ने बताया कि इस मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, टोल प्लाजा के मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि टोल टैक्स को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। बाद में आपसी सहमति से समझौता होने पर मामला शांत हो गया।
उधर, लता चौधरी का आरोप है कि उन पर कुछ लोग समझौता करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उनकी मांग है कि आरोपी टोलकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कोई समझौता नहीं हुआ है।
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